रसोई म महंगाई के मार : खाय के तेल के दाम म उछाल, जानव काबर बढ़त हे तेल के रेट
Edible Oil Price Hike : नई दिल्ली। अमेरिका, ईरान अउ इजराइल के बीच बढ़त जंग अउ अंतरराष्ट्रीय बाजार म मचे उथल-पुथल के सीधा असर अब आप मन के रसोई बजट म पड़े बर धर ले हे। खाय के तेल (खाद्य तेल) के दाम म 3 ले 5 रुपिया प्रति लीटर तक के बढ़ोतरी हो गे हे। जानकार मन के कहना हे कि अगर जूँझ अइसने जारी रहिस, त आने वाला दिन म तेल ह 10 ले 15 रुपिया तक अउ महंगा हो सकथे।
जंग अउ कमजोर रुपिया ह बिगाड़िस खेल दुनिया भर म मचे लड़ाई के सेती समुद्र के रस्ता ले माल ढोए के खरचा (माल ढुलाई) ह बढ़ गे हे। ओखर संग डॉलर के मुकाबला म भारतीय रुपिया घलो कमजोर होवत हे, जेकर ले बिदेस ले तेल मंगाना (आयात) महंगा हो गे हे। एखर सीधा असर सूरजमुखी, सोयाबीन अउ पाम तेल के कीमत म दिखत हे।
सूरजमुखी तेल म सबले जादा असर भारत म सूरजमुखी तेल के खपत बहुत जादा हे, फेर हमर देस म एखर उत्पादन मांग के हिसाब ले कम हे। हमन ल अपन जरूरत बर रूस, यूक्रेन अउ अर्जेंटीना जइसन देस मन ऊपर निर्भर रहना पड़थे। जंग के सेती उहाँ ले सप्लाई रुक गे हे या कम हो गे हे। बेंगलुरु जइसन सहर म जौन तेल ह पिछला हफ्ता 161 रुपिया म मिलत रहिस, ओकर भाव अब 165 रुपिया के पार हो गे हे।
आम जनता के बजट बिगड़ही सिरिफ सूरजमुखी च नोहे, बल्कि पाम ऑयल अउ सोयाबीन तेल के भाव घलो बढ़ गे हें। एखर संग च ‘ब्लेंडेड ऑयल’ (मिश्रित तेल) जइसन सफोला गोल्ड के रेट म घलो उछाल आए हे। मध्यम वर्ग के परिवार मन बर ये महंगाई एक बड़े चिंता के विषय बन गे हे। व्यापारी मन के कहना हे कि आने वाला एक-दू हफ्ता म दाम अउ बढ़ सकथे, जेकर ले होटल अउ घर के बजट बिगड़ना तय हे।


