‘एजुकेट गर्ल्स’ को एशिया का सबसे बड़ा सम्मान: 2025 का रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड जीता, पहली बार किसी भारतीय संस्था को मिला गौरव
शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान देने वाली भारतीय संस्था ‘एजुकेट गर्ल्स’ (Educate Girls) को वर्ष 2025 के रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह एशिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान है, जिसे पहली बार किसी भारतीय संस्था को प्राप्त हुआ है।
‘एजुकेट गर्ल्स’ ने उन लड़कियों के लिए शिक्षा का द्वार खोला है, जो किसी कारणवश बीच में ही स्कूल छोड़ चुकी थीं। इस संस्था की पहल के माध्यम से अब तक दो करोड़ से अधिक बालिकाओं को फिर से शिक्षा से जोड़ा गया है। उनकी यह कोशिश न केवल साक्षरता दर बढ़ाने में सहायक रही है, बल्कि समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई है।
इस सम्मान के बाद ‘एजुकेट गर्ल्स’ का नाम उन महान हस्तियों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें पहले यह पुरस्कार मिल चुका है—जैसे सत्यजीत रे, एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, किरण बेदी, विनोबा भावे, दलाई लामा, मदर टेरेसा और ऑस्कर विजेता हयाओ मियाज़ाकी।
इस संस्था की स्थापना वर्ष 2007 में सफीना हुसैन ने की थी। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शिक्षा प्राप्त करने के बाद वह सैन फ्रांसिस्को में कार्यरत थीं, लेकिन उन्होंने भारत लौटकर महिला निरक्षरता को मिटाने का संकल्प लिया। तभी से ‘एजुकेट गर्ल्स’ लगातार ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है।
यह पुरस्कार न केवल संस्था के अथक प्रयासों की पहचान है, बल्कि भारत की शिक्षा सुधार यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।




Post Comment