25 करोड़ के धान घोटाला ले मचीस हड़कंप, तीन संग्रहण केंद्र ले 66 हजार क्विंटल धान गायब
जांजगीर-सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला म धान के भारी गड़बड़ी के मामला आगू आई हे। समर्थन मूल्य म धान खरीदी ह कुछु मनखे मन बर कमाई के जरिया बन गे हे। कवर्धा म होय धान घोटाला के मामला अभी ठंडा घलो नइ होय रहिस कि अब सक्ती जिला म 25 करोड़ रुपिया के धान घोटाला के खुलासा होय हे। मार्कफेड के रिपोर्ट म पता चलीस हे कि तीन बड़े संग्रहण केंद्र मन ले रहस्यमयी तरीका ले 66,680 क्विंटल धान गायब हो गे हे।
कहाँ-कहाँ ले गायब होइस धान?
मार्कफेड के रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024-25 के दौरान जिला के तीन संग्रहण केंद्र— डभरा, बोड़ासागर अउ सक्ती म धान जमा करे गे रहिस। जब जम्मो धान के उठाव होइस अउ मिलान करे गे, त अफसर मन के होश उड़ गे। रिपोर्ट म बताय गे हे कि:
ये तीनो केंद्र म करीब 1,70,743 मीट्रिक टन धान रखे गे रहिस।
जांच म 66,680 क्विंटल धान कम पाइन।
धान के कीमत करीब 21 करोड़ हे, अउ परिवहन, बारदाना अउ हमाली के खरचा ल जोड़ दन त ये घाटा 25 करोड़ रुपिया तक पहुंच जाथे।
का धान ल रस्ता म ही खपा दे गे?
अब अफसर मन ये बात के जांच करत हें कि एतका बड़े मात्रा म धान आखिर गिस कहाँ? का धान ल संग्रहण केंद्र ले चोरी करे गे हे या फिर समिति ले केंद्र तक लानत बखत रस्ता म ही गायब कर दे गे हे। कवर्धा के मामला म त अफसर मन कहि दे रहिन कि “चूहा अउ दीमक” मन करोड़ों के धान ल खा गे हें, अब देखिया होही कि सक्ती के मामला म का बहाना बनाय जाथे।
अफसर मन के का कहना हे?
जिला विपणन अधिकारी (DMO) शोभना तिवारी ह कहिस हे कि धान के शार्टेज (कमी) ल लेके जांच करे जात हे। कउन स्तर म लापरवाही होइस हे अउ गड़बड़ी कहाँ करे गे हे, एकर रिपोर्ट आय के बाद ही जिम्मेदार मनखे मन के ऊपर कड़ी कार्रवाई करे जाही।



