AI Talent War : एआई के चक्कर म पानी सहीं पइसा बहात हें दिग्गज कंपनी: टैलेंट झपटे बर कर्मचारी मन ला देवत हें 800 करोड़ के बोनस; जानव का हे माजरा

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AI Talent War : नई दिल्ली : आज के जुग म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नाम ह हर कोनो के जुबान म हे, पर ए रेस म बने रहना अब कंपनी मन बर बहुत महंगा सौदा साबित होवत हे। माइक्रोसॉफ्ट एआई के सीईओ मुस्तफा सुलेमान ह एक बड़े खुलासा करत बताइस हे कि आघू के 5 ले 10 साल म एआई के दुनिया म टिके रहे बर कंपनी मन ला सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करना पड़ही।

AI Talent War : मशीन ले जादा अब मनखे मन बर होवत हे खरचा
सुलेमान के मुताबिक, ए पइसा सिरिफ कंप्यूटर या सर्वर बर नई फूंकत हें, बल्कि असली जंग त ‘इंसानी दिमाग’ बर लगे हे। एआई के क्षेत्र म काम करे वाला रिसर्चर अऊ टेक्निकल स्टाफ मन ला आज अतका जादा सैलरी दिया जावत हे कि ओकर गिनती करना मुस्किल हे। बड़े कंपनी मन एक-दूसरे के काबिल कर्मचारी मन ला ‘हड़पे’ बर करोड़ों के ऑफर देवत हें।

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माइक्रोसॉफ्ट ह बन गे हे आधुनिक ‘कंस्ट्रक्शन कंपनी’
मुस्तफा सुलेमान ह माइक्रोसॉफ्ट के तुलना एक बड़े कंस्ट्रक्शन कंपनी ले करिस हे। उंकर कहना हे कि आज लाखों कर्मचारी एआई एक्सेलेरेटर्स अऊ बड़े-बड़े सीपीयू बनाय म लगे हें। माइक्रोसॉफ्ट के लक्ष्य हे कि वो एआई के मामला म ‘आत्मनिर्भर’ बनय अऊ दुनिया के सबले सुरक्षित सुपरइंटेलिजेंस मॉडल तैयार करय।

टैलेंट ला झपटे बर मचे हे होड़ (100 मिलियन डॉलर के बोनस!)
ए रेस म सिरिफ माइक्रोसॉफ्ट नई हे, बल्कि गूगल, मेटा (फेसबुक) अऊ ओपन एआई (OpenAI) घलो अरबों डॉलर झोंकत हें। खबर हे कि:

मेटा (Meta): मार्क जुकरबर्ग ह एआई लैब बर अक्रामक हायरिंग करत हें।

ओपन एआई (OpenAI): सैम ऑल्टमैन ह बताइस कि मेटा ह ओकर कर्मचारी मन ला 100 मिलियन डॉलर (लगभग 800 करोड़ रुपया) तक के ‘साइनिंग बोनस’ के लालच दे रहिस।

गूगल: गूगल घलो एआई स्टार्टअप मन ला अरबों डॉलर म खरीद के बड़े-बड़े टैलेंट ला अपन डाहर खींचत हे।

डेटा सेंटर म घलो पानी सहीं पइसा
सुपरइंटेलिजेंस के दौड़ म आघू रहे बर अमेजन, गूगल अऊ मेटा बड़े-बड़े डेटा सेंटर बनावत हें। मार्क जुकरबर्ग ह त इहां तक कह दे हे कि— “ए रेस म पीछे रहे ले अच्छा हे कि मैं कुछ सौ अरब डॉलर जादा खरचा कर दंव।” कुल मिला के, अब एआई के लड़ाई सिरिफ तकनीक के नई, बल्कि पइसा अऊ दिमाग के घलो बन गे हे।

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