चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर ले धान के फसल ला भारी नुकसान, किसान मन के बढ़िस परेशानी, हजारों एकड़ फसल बर्बाद होय के खतरा
घुटना भर पानी म खड़े होके फसल बचाय के कोशिश करत हें किसान
देवभोग तहसील के सिनापाली गांव म किसान मन के हालत देखके समझे जा सकथे कि मौसम के मार ह कतका भारी परे हे। घुटना भर पानी म खड़े होके किसान मन अपन धान के एक-एक पौधा ला बचाय बर जूझत हें। किसान मन कपड़ा के रस्सी ले धान के पौधा मन ला एक संग बांधके खड़ा करे के कोशिश करत हें, ताकि पानी म डूबे धान के बाली मन सड़े झन। गांव के किसान दुर्बल राम, खिरसिंधु अऊ हरिराम ह बताइन कि जेन धान के बाली म अभी दूध भरे हे, ओ फसल ला सबले जादा खतरा हे। अगर तीन दिन ले जादा फसल पानी म डूबे रहिही, त धान खराब हो सकथे। ओतकेच नइ, पाके तैयार धान के पौधा मन घलो सड़े लगहीं। किसान मन के कहना हे कि ए बखत सबले बड़े चुनौती अपन मेहनत ले तैयार फसल ला बचाय के हे।
धान के संग मक्का, साग-भाजी अऊ दलहन फसल ला घलो नुकसान
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर सिरिफ धान तक सीमित नइ हे। मक्का, साग-भाजी अऊ दलहन के फसल मन ला घलो नुकसान पहुंचे हे। तूफान अऊ पानी के चलते कई कच्चा मकान मन ला नुकसान होय के जानकारी सामने आय हे। गांव के जनजीवन घलो प्रभावित हो गे हे। खेत अऊ बाड़ी म पानी भर जाय के कारण साग-भाजी के फसल खराब होय के खतरा बढ़ गे हे। दूसर डहर बाजार बंद होय के कारण किसान मन अपन सब्जी ला बेच नइ पावत हें। पिछला दू दिन ले सब्जी मन के रंग घलो फीका पड़े लग गे हे। अइसन हालत म किसान मन मजबूरी म अपन घर के आघू दुकान लगाके साग-भाजी बेचत हें, ताकि कम से कम खेती म लगाय लागत निकल सके। खाद, बीज अऊ मेहनत म लगाय पइसा डूब जाय के डर ह किसान मन के चिंता ला अउ बढ़ा दे हे।
नुकसान के आकलन बर होही सर्वे, मुआवजा के प्रावधान
देवभोग के तहसीलदार सुशील कुमार भोई ह बताइन कि तूफान के कारण इलाका म काफी नुकसान होय हे। किसान मन के फसल ला पहुंचे नुकसान के आकलन करे बर सर्वे कराय जाही। उंखर मुताबिक, आरबीसी 6-4 के नियम के तहत पात्रता अऊ निर्धारित शर्त मन के आधार म प्रभावित किसान मन ला क्षतिपूर्ति देय के प्रावधान हे। पीड़ित किसान मन ले विधिवत आवेदन लेके शासन के प्रक्रिया के मुताबिक मुआवजा देय के कार्रवाई करे जाही। फिलहाल देवभोग अऊ आसपास के गांव म किसान मन अपन बचे फसल ला बचाय बर हरसंभव कोशिश करत हें। धान खरीदी के पहिली मौसम के ए मार ह किसान मन के आर्थिक चिंता ला अउ बढ़ा दे हे।



