बिलाईगढ़ में खुलेगा अपर कलेक्टर कार्यालय, 3 करोड़ से बनेगा गौरव पथ
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुधवार को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ स्थित रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और बिलाईगढ़ के विकास तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें अपर कलेक्टर कार्यालय की स्थापना, तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण, राजमहल मार्ग पर पुल, वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम और मां समलाई माता मंदिर के समीप डोम शेड का निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुसार, बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खुलने से क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार और समस्याओं के त्वरित निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला गौरव पथ नगर की सुंदरता बढ़ाने के साथ आवागमन को बेहतर बनाएगा। राजमहल मार्ग पर पुल, वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम और मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड का निर्माण भी स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीराम, माता सीता, पवनपुत्र हनुमान, मां जगदंबा, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने कहा कि बिलाईगढ़ का ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। राजपरिवार ने पीढ़ियों से इस परंपरा को सहेजकर रखा है और आज भी क्षेत्रवासी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ इसमें शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री ने इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए राजपरिवार, आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों की सराहना करते हुए उनके आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
विजयादशमी के महत्व पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत कर धर्म की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि रावण दहन की परंपरा के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद काम, क्रोध, लोभ, मद और अहंकार जैसी बुराइयों पर भी विजय पाने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्रीराम के आदर्श मर्यादा, कर्तव्य, न्याय और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना ही विजयादशमी का वास्तविक संदेश है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ और भगवान श्रीराम के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने दंडकारण्य क्षेत्र में लंबा समय बिताया था। शिवरीनारायण में माता शबरी की भक्ति और राजिम का पवित्र त्रिवेणी संगम प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में पूजने की अनूठी परंपरा आज भी लोगों की आस्था और संस्कृति का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री साय ने अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए श्रीरामलला दर्शन योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को शासकीय खर्च पर अयोध्या धाम जाकर भगवान श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और परिवार तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि सरकार गठन के अगले ही दिन मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। उनके अनुसार, केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में आवास निर्माण कार्य तेजी से जारी है और प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। गांव, गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर योजनाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल सड़कों और भवनों जैसी अधोसंरचना का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।
बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध कार्रवाई और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत होने से विकास और समृद्धि के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर के लोगों के सहयोग को इन बदलावों का महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, शांति और सुरक्षा की स्थिति बेहतर होने से सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में रेल अधोसंरचना के विकास को गति मिली है। रावघाट तक रेल सेवा पहुंचने और रायपुर-कुरूद क्षेत्र में रेल संपर्क के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे आवागमन सुगम होने के साथ व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। एक ओर प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और आस्था के केंद्रों को संरक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, रेल, आवास और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा प्रेम, एकता और सद्भाव के साथ प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
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साभार: Ekhabri


