रायगढ़ के कृष्ण अग्रवाल ने राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में हासिल किया तीसरा स्थान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छात्र कृष्ण अग्रवाल ने अपनी वैज्ञानिक सोच और अनूठे नवाचार से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जिंदल पब्लिक स्कूल के छात्र कृष्ण को नई दिल्ली में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC-2026) में तीसरा पुरस्कार मिला है। उन्हें यह सम्मान बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के लिए विकसित किए गए अभिनव मॉडल ‘फ्लिप इलेक्ट्रिक आयरन फॉर चाइल्ड सेफ्टी’ के लिए प्रदान किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृष्ण को सम्मानित किया।
कृष्ण की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बधाई देते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों में प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की अपार संभावनाएं हैं। कृष्ण ने अपने उपयोगी नवाचार के माध्यम से साबित किया है कि प्रदेश के विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने कृष्ण अग्रवाल के साथ उनके अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार को भी इस सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि कृष्ण की उपलब्धि प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह के नवाचार समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
## बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से बचाने के लिए बनाया खास मॉडल
कृष्ण अग्रवाल ने ‘फ्लिप इलेक्ट्रिक आयरन फॉर चाइल्ड सेफ्टी’ नाम से एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसका उद्देश्य घरों में इस्तेमाल होने वाली गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से छोटे बच्चों को जलने की दुर्घटनाओं से बचाना है। इस मॉडल में ऑटो-फ्लिप तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके तहत प्रेस को छोड़ने पर उसका गर्म हिस्सा ऊपर की ओर हो जाता है, जिससे गर्म सतह के सीधे संपर्क में आने का जोखिम कम किया जा सकता है।
मॉडल में 30 सेकंड के भीतर प्रेस को स्वचालित रूप से बंद करने की सुविधा और चाइल्ड लॉक जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। कम लागत में तैयार किया गया यह नवाचार घरेलू सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकता है।
## 80 हजार नवाचार विचारों में शीर्ष 62 में चयन
कृष्ण अग्रवाल के प्रोजेक्ट ने चयन प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की। छत्तीसगढ़ से प्रस्तुत लगभग 80 हजार नवाचार विचारों में उनके मॉडल को शीर्ष 62 नवाचारों में जगह मिली। उनके प्रोजेक्ट को इंस्पायर मानक-2026 के संकलन में भी शामिल किया गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत से जुड़ी इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उनके नवाचारों को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है। कृष्ण अग्रवाल की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान खोजे जा सकते हैं।
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साभार: Ekhabri


