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Meerut Blue Drum Case: मेरठ के नीले ड्रम कांड में बड़ा फैसला, साहिल-मुस्कान को फांसी की सजा

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Meerut Blue Drum Case: मेरठ के नीले ड्रम कांड में बड़ा फैसला, साहिल-मुस्कान को फांसी की सजा

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42221-meerut-blue-drum-case Meerut Blue Drum Case: मेरठ के नीले ड्रम कांड में बड़ा फैसला, साहिल-मुस्कान को फांसी की सजा

मेरठ। कॉलेज में मुलाकात, फिर प्यार और लव मैरिज… लेकिन कुछ साल बाद यही रिश्ता एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया। मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे ‘नीला ड्रम कांड’ के नाम से जाना गया, में अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। इस मामले ने रिश्तों, विश्वास और अपराध की दुनिया को लेकर कई सवाल खड़े किए। करीब 16 महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए फैसले के साथ यह मामला एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। आइए, जानते हैं इस हत्याकांड की पूरी कहानी और अब तक की प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन।

कॉलेज में मुलाकात से शुरू हुई प्रेम कहानी

सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी की मुलाकात साल 2014-15 के आसपास मेरठ के एक कॉलेज में हुई थी। पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्यार में बदल गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद सौरभ की नौकरी मर्चेंट नेवी में लग गई। नौकरी मिलने के बाद वह छुट्टी पर मेरठ आया और दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के कुछ समय बाद उनके घर बेटी का जन्म हुआ और परिवार आगे बढ़ा।

सौरभ की नौकरी और साहिल की एंट्री

मर्चेंट नेवी में नौकरी के कारण सौरभ को कई-कई महीने घर से दूर रहना पड़ता था। इसी दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने कॉलेज के पुराने परिचित साहिल शुक्ला से हुई। समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, मुस्कान और साहिल के संबंधों ने आगे चलकर सौरभ की हत्या की साजिश में अहम भूमिका निभाई।

मार्च 2025 में रची गई हत्या की साजिश

सौरभ फरवरी 2025 के अंत में नौकरी छोड़कर मेरठ लौट आया था। मार्च में उसकी शादी की सालगिरह और बेटी का जन्मदिन था। बताया जाता है कि 2 मार्च को परिवार ने मॉल में खरीदारी भी की थी। हालांकि, सौरभ के घर लौटने के बाद मुस्कान और साहिल के मिलने-जुलने में बाधा आने लगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसके बाद दोनों ने सौरभ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

3 मार्च की रात हुई सौरभ की हत्या

जांच के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ को खाने में जहरीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े किए गए और नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया। इसी तरीके के कारण यह मामला ‘नीला ड्रम कांड’ के नाम से चर्चित हुआ। वारदात के बाद आरोपियों के हिमाचल प्रदेश जाने की बात भी सामने आई।

19 मार्च को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सौरभ की हत्या से जुड़े सुराग जुटाए। जांच आगे बढ़ने पर मुस्कान और साहिल की भूमिका सामने आई। दोनों को 19 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या से जुड़े घटनाक्रम, साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। मामले में जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

सौरभ मर्डर केस की प्रमुख तारीखें

22 मार्च 2025: जांच के दौरान हत्या की साजिश और उससे जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर जानकारी सामने आई।

12 मई 2025: पुलिस ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया।

17 सितंबर 2026: उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मामले का ट्रायल पूरा हुआ।

30 सितंबर 2026: अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया।

14 अक्टूबर 2026: अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

फैसले के बाद भी चर्चा में है नीला ड्रम कांड

सौरभ राजपूत हत्याकांड ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। कॉलेज के दिनों से शुरू हुआ रिश्ता, शादी और परिवार के बाद हत्या तक पहुंचने की कहानी ने लोगों को झकझोर दिया। अदालत के फैसले के साथ मामले में सजा का ऐलान हो चुका है, लेकिन इस तरह के अपराधों के पीछे के कारणों और रिश्तों में पैदा होने वाले गंभीर विवादों को लेकर चर्चा जारी है। यह मामला पुलिस जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपराध की तह तक पहुंचने की एक चर्चित मिसाल बन गया है।

साभार: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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