होम › Chhattisgarh › Chhattisgarh Custom Milling Scam: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए
Chhattisgarh

Chhattisgarh Custom Milling Scam: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए

WhatsApp Facebook
Chhattisgarh Custom Milling Scam: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

42125-chhattisgarh-custom-milling-scam Chhattisgarh Custom Milling Scam: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में ईडी ने रिमांड अवधि पूरी होने पर कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

रामगोपाल अग्रवाल की यह गिरफ्तारी राइस मिलरों से करीब 147 करोड़ रुपए की अवैध वसूली के मामले में हुई है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी, जिसके बाद उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।

ईडी की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि खरीफ सीजन 2021-22 के दौरान कस्टम राइस मिलिंग के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि 40 रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई थी।

इसके बाद, छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मार्कफेड के अधिकारियों से जुड़े एक सिंडिकेट ने प्रोत्साहन राशि जारी करने की एवज में राइस मिलरों से 20 रुपए प्रति क्विंटल नकद वसूली शुरू कर दी थी।

कैसे होता था वसूली का खेल?

जांच एजेंसी के मुताबिक, जो मिलर रकम देने से इंकार करते थे, उनके बिल रोक दिए जाते थे। दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच इस तरह करीब 147 करोड़ रुपए की अवैध उगाही की गई।

ईडी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल ने इस पूरी वसूली की व्यवस्था को बनाने, उसकी निगरानी करने और उसे नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के जरिए वसूली के निर्देश दिए जाते थे।

जांच एजेंसी का आरोप है कि विभिन्न जिलों से वसूली गई रकम का पूरा ब्योरा तत्कालीन एसोसिएशन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर द्वारा रामगोपाल अग्रवाल को सत्यापन के लिए सौंपा जाता था, जिसके बाद यह नकदी अग्रवाल द्वारा बताए गए अन्य लोगों तक पहुंचाई जाती थी।

ईडी ने इस पूरी राशि को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अपराध से अर्जित आय माना है, और मामले में आगे की जांच जारी है।

साभार: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें
दोस्तों के साथ साझा करें
OneChhattisgarh संपादकीय डेस्क
संपादकीय डेस्कOneChhattisgarh संपादकीय डेस्क

OneChhattisgarh.Com संपादकीय टीम — छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरें, सरकारी योजनाएं, रोजगार समाचार व जनहित के मुद्दों पर निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता।

सभी लेख देखें →
सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)