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ट्रंप के रूस से तेल सौदे पर अमेरिका में बवाल: अपनी ही पार्टी के सांसद लाएंगे प्रतिबंध वाला बिल, भारत-चीन पर भी लग सकता है 100% टैरिफ

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ट्रंप के रूस से तेल सौदे पर अमेरिका में बवाल: अपनी ही पार्टी के सांसद लाएंगे प्रतिबंध वाला बिल, भारत-चीन पर भी लग सकता है 100% टैरिफ

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41945-trump ट्रंप के रूस से तेल सौदे पर अमेरिका में बवाल: अपनी ही पार्टी के सांसद लाएंगे प्रतिबंध वाला बिल, भारत-चीन पर भी लग सकता है 100% टैरिफ

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से तेल खरीदने के फैसले पर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है। अब उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के सांसद भी इस कदम के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। रिपब्लिकन सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने रूस से तेल खरीद पर रोक लगाने के लिए नया विधेयक लाने की घोषणा की है। इस पहल को डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन, दोनों दलों के सांसदों का समर्थन मिल रहा है।

‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ नाम होगा

फिट्जपैट्रिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि प्रस्तावित विधेयक का नाम ‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ होगा। वे इसे सदन में लाने के लिए डिस्चार्ज प्रक्रिया का इस्तेमाल करेंगे। इसके तहत पर्याप्त सांसदों का समर्थन मिलने पर किसी विधेयक को समिति की मंजूरी के बिना भी सदन में मतदान के लिए लाया जा सकता है। उन्हें उम्मीद है कि बिल भारी बहुमत से पास होगा।

रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन का समर्थन

नेब्रास्का से रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन ने भी इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वे विधेयक के शुरुआती सह-प्रायोजकों में शामिल होने के लिए तैयार हैं। बेकन तीन नवंबर के मध्यावधि चुनाव में दोबारा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे में ट्रंप के फैसले के खिलाफ उनकी आवाज को अहम माना जा रहा है।

पुतिन से बातचीत के बाद हुआ था तेल सौदा

शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने घोषणा की थी कि रूस अमेरिका और वैश्विक बाजार को तुरंत तीन लाख टन डीजल की आपूर्ति करेगा। इस फैसले ने इसलिए भी विवाद खड़ा किया, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़ा कानून पारित कर चुकी है। इसके तहत भारत और चीन समेत रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है।

सांसदों ने कानून की अनदेखी का आरोप लगाया

अमेरिकी सीनेटर जीन शाहीन ने कहा कि अमेरिका 2022 में ही रूसी ऊर्जा के आयात पर रोक लगा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते से पहले कांग्रेस से सलाह लेने और औपचारिक समीक्षा की प्रक्रिया पूरी की है। वहीं, सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इस सौदे को शर्मिंदगी भरा कदम बताया।

पुतिन को आर्थिक मदद मिलने की आशंका

डेमोक्रेटिक सांसद डेव मिन ने चेतावनी दी कि रूस के साथ ऐसे समझौते जारी रहे तो अमेरिका को खुद पर ही प्रतिबंध लगाने की नौबत आ सकती है। रिपब्लिकन सांसद माइकल मैककॉल ने भी कहा कि डीजल की कीमतें कम करना जरूरी है, लेकिन प्रतिबंधों में ढील से पुतिन को युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है।

विधेयक के सामने समय की चुनौती

रूस से तेल खरीद पर रोक लगाने वाले इस विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए सांसदों के पास सीमित समय है। प्रतिनिधि सभा का मौजूदा कार्यकाल जनवरी में खत्म होगा और तीन नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं। ऐसे में दोनों दलों के समर्थन के बावजूद विधेयक को पारित कराना आसान नहीं होगा।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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