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Shardiya Navratri 2026: मां दुर्गा का हाथी पर होगा आगमन, कल से शुरू नवरात्र, नोट कर लें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

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Shardiya Navratri 2026: मां दुर्गा का हाथी पर होगा आगमन, कल से शुरू नवरात्र, नोट कर लें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

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41821-navratri Shardiya Navratri 2026: मां दुर्गा का हाथी पर होगा आगमन, कल से शुरू नवरात्र, नोट कर लें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

Shardiya Navratri 2026: धर्म दर्शन डेस्क: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर रविवार से होगी। नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे और व्रत रखेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जबकि विदाई मुर्गे पर मानी जा रही है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाएगी। वहीं, 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ पर्व का समापन होगा।

11 अक्टूबर को घटस्थापना, जानें शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना की जाती है। इसी के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू होती है। 11 अक्टूबर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है। वहीं, अभिजित मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है।

किस दिन किस देवी की होगी पूजा?

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस बार 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री, 12 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी, 13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा, 14 अक्टूबर को मां कूष्मांडा और 15 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा होगी। इसके बाद 16 अक्टूबर को मां कात्यायनी और 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि की आराधना की जाएगी। 18 अक्टूबर को मां महागौरी और 19 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा का उल्लेख है।

अष्टमी-नवमी और दशहरे की तारीख

नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व है। इन दिनों कई घरों और मंदिरों में कन्या पूजन, हवन और विशेष पूजा की जाती है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार कन्या पूजन के बाद व्रत का पारण करते हैं। 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन रावण दहन की परंपरा भी निभाई जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

हाथी पर आगमन को शुभ मानने की मान्यता

धार्मिक परंपरा में मां दुर्गा के आगमन का वाहन नवरात्रि शुरू होने के दिन के वार से जोड़ा जाता है। मान्यता के अनुसार रविवार और सोमवार को देवी का आगमन हाथी पर होता है। इसी आधार पर इस बार मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं में हाथी को शक्ति, स्थिरता, समृद्धि और वर्षा का प्रतीक माना जाता है।

मुर्गे पर विदाई को लेकर क्या मान्यता है?

इस बार नवरात्रि का समापन मंगलवार को होगा। धार्मिक मान्यताओं में मंगलवार और शनिवार को देवी के प्रस्थान के लिए चरणायुध वाहन बताया जाता है, जिसे मुर्गे यानी कुक्कुट से जोड़ा जाता है। परंपरागत मान्यता में मुर्गे पर देवी की विदाई को शुभ संकेत नहीं माना जाता और इसे अशांति या प्राकृतिक आपदाओं से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणियां नहीं।

नवरात्रि में कैसे करें पूजा?

नवरात्रि के दौरान भक्त सुबह स्नान करके पूजा स्थल की सफाई करते हैं और मां दुर्गा के सामने दीपक जलाते हैं। कलश स्थापना के साथ जौ बोने, फल-फूल और प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी क्षमता और आस्था के अनुसार व्रत रखते हैं। इस दौरान दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा और देवी मंत्रों का पाठ भी किया जाता है।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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