करोड़ों के मनी ट्रेल मं रामगोपाल अग्रवाल के भूमिका पर ED के दावा, हिरासत म लेके पूछताछ करे के मांग
Ramgopal Agrawal ED Case : रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला, कोल लेवी अउ कस्टम मिलिंग मामला म कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के भूमिका ल लेके प्रवर्तन निदेशालय (ED) नवा तथ्य सामने आय के दावा करे हे। जांच एजेंसी विशेष अदालत म आवेदन देके अग्रवाल ल हिरासत म लेके पूछताछ करे के अनुमति मांगे हे। ED के कहना हे कि करोड़ों रुपिया के कथित अवैध लेन-देन अउ मनी ट्रेल के कड़ी ल जोड़े बर पूछताछ जरूरी हे।
मनी ट्रेल के कड़ी जोड़े बर पूछताछ
ED के मुताबिक, जांच के दौरान मिले डिजिटल सबूत, दस्तावेज अउ पहिली गिरफ्तार हो चुके आरोपित मन के बयान के आधार म कुछ नवा तथ्य सामने आए हें। एजेंसी के दावा हे कि कथित घोटाला ले जुड़े रुपिया के लेन-देन अउ अलग-अलग खाता अउ माध्यम के जानकारी हासिल करे बर अग्रवाल ले विस्तार ले पूछताछ करे के जरूरत हे।
जांच एजेंसी हाल के वित्तीय लेन-देन के सबूत के आधार म मनी ट्रेल के कड़ी ल जोड़े के कोशिश करत हे। हालांकि, ए मामला म ED के आरोप के अंतिम फैसला अदालत म होही।
रायपुर जेल म पूछताछ करत हे ED के टीम
जानकारी के मुताबिक, रायपुर जेल म बंद रामगोपाल अग्रवाल ले ED के दू सदस्यीय टीम पूछताछ करत हे। पूछताछ म कोल लेवी अउ शराब घोटाला के जांच के दौरान सामने आए तथ्य मन के बारे म जानकारी ले जावत हे।
अग्रवाल के विशेष अदालत ले जमानत अर्जी खारिज होय के बाद राहत बर हाईकोर्ट म आवेदन करे के जानकारी घलो सामने आई हे।
8 जुलाई ल EOW कार्यालय म करे रहिन आत्मसमर्पण
करीब तीन साल तक फरार रहे के बाद रामगोपाल अग्रवाल 8 जुलाई 2026 के आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के कार्यालय पहुंच के आत्मसमर्पण करे रहिन। एखर बाद उनला न्यायिक हिरासत म जेल भेज दे गे रहिस। 11 अगस्त के ED घलो उनला गिरफ्तार करके सात दिन तक पूछताछ करे रहिस।
जांच एजेंसी मन के आरोप हे कि कथित सिंडिकेट के जरिए अवैध वसूली अउ फर्जी होलोग्राम के माध्यम ले सरकारी राजस्व ल नुकसान पहुंचाय गे हे।
कोल घोटाला म पूरक आरोपपत्र पेश
कोल घोटाला मामला म EOW हाल ही म अदालत म छठवां पूरक आरोपपत्र पेश करे हे। एमा रामगोपाल अग्रवाल के नाम घलो आरोपित के रूप म शामिल करे गे हे।
अब विशेष अदालत म ED के हिरासत म लेके पूछताछ करे के आवेदन ऊपर होय वाला फैसला अउ अग्रवाल के हाईकोर्ट म लगाय गे आवेदन के सुनवाई ऊपर नजर बने हे।



