होम › Technology › माघ मेला 2027 : 15 जनवरी से संगम तट पर शुरू होगा कल्पवास, 45 दिन तक चलेगा धार्मिक आयोजन
Technology

माघ मेला 2027 : 15 जनवरी से संगम तट पर शुरू होगा कल्पवास, 45 दिन तक चलेगा धार्मिक आयोजन

WhatsApp Facebook
माघ मेला 2027 : 15 जनवरी से संगम तट पर शुरू होगा कल्पवास, 45 दिन तक चलेगा धार्मिक आयोजन

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

41560--2027 माघ मेला 2027 : 15 जनवरी से संगम तट पर शुरू होगा कल्पवास, 45 दिन तक चलेगा धार्मिक आयोजन

प्रयागराज। संगम नगरी में वर्ष 2027 का माघ मेला 15 जनवरी से शुरू होगा। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर करीब 45 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देशभर से संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मकर संक्रांति के स्नान पर्व के साथ मेले का शुभारंभ होगा और इसी के साथ संगम की रेती पर कल्पवास की परंपरा भी शुरू हो जाएगी।

संगम तट पर शुरू होगा कल्पवास

माघ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक माह तक संगम तट पर रहकर कल्पवास करेंगे। कल्पवासी गृहस्थ जीवन से दूरी बनाकर जप, तप, ध्यान, स्नान, भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ में समय बिताते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में संगम तट पर साधना और स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।

संतों के साथ बड़ी संख्या में गृहस्थ श्रद्धालु भी कल्पवास के लिए संगम की रेती पर डेरा डालेंगे। यह अवधि श्रद्धालुओं के लिए आस्था, साधना और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी होगी।

मकर संक्रांति से होगी मेले की शुरुआत

15 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति के स्नान पर्व के साथ माघ मेले का औपचारिक शुभारंभ होगा। इस दिन सूर्य के उत्तरायण होने के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है।

ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक इस दौरान मकर राशि में सूर्य, बुध और राहु का संचरण रहेगा। इसके चलते बुधादित्य योग का संयोग बनने की बात कही गई है। वहीं सिंह राशि में मंगल और गुरु के संचरण से अमृत योग बनने का उल्लेख किया गया है। इन्हीं विशेष ज्योतिषीय संयोगों के चलते वर्ष 2027 के माघ मेले को धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है।

छह प्रमुख स्नान पर्व बनेंगे आकर्षण

माघ मेले के दौरान छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे। इन पर्वों पर संगम में स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की परंपरा है।

15 जनवरी 2027 — मकर संक्रांति

22 जनवरी 2027 — पौष पूर्णिमा

6 फरवरी 2027 — मौनी अमावस्या

11 फरवरी 2027 — वसंत पंचमी

20 फरवरी 2027 — माघी पूर्णिमा

6 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि

इनमें मौनी अमावस्या और माघी पूर्णिमा जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर संगम तट पर विशेष धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

आस्था और साधना का बड़ा केंद्र बनेगा संगम

माघ मेला सनातन परंपरा में आस्था, साधना और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ा प्रमुख आयोजन माना जाता है। श्रद्धालु संगम में स्नान के साथ पूजा-पाठ, ध्यान और जप-तप करते हैं। कल्पवास की परंपरा भी इसी धार्मिक साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वर्ष 2027 में विशेष ज्योतिषीय संयोगों के बीच आयोजित होने वाला यह माघ मेला श्रद्धालुओं के लिए खास माना जा रहा है। 15 जनवरी से शुरू होकर 6 मार्च के महाशिवरात्रि स्नान तक संगम तट पर धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा।

साभार: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)