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Bilaspur GRP Constable Ganja Smuggling Case: बिलासपुर में GRP कॉन्स्टेबल की कमाई 46 लाख और खर्च 62 लाख, ACB की चार्जशीट में सामने आया पूरा हिसाब किताब, जानें क्या है मामला

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Bilaspur GRP Constable Ganja Smuggling Case: बिलासपुर में GRP कॉन्स्टेबल की कमाई 46 लाख और खर्च 62 लाख, ACB की चार्जशीट में सामने आया पूरा हिसाब किताब, जानें क्या है मामला

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41375-acb Bilaspur GRP Constable Ganja Smuggling Case: बिलासपुर में GRP कॉन्स्टेबल की कमाई 46 लाख और खर्च 62 लाख, ACB की चार्जशीट में सामने आया पूरा हिसाब किताब, जानें क्या है मामला

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गांजा तस्करी के आरोपों में जेल में बंद बर्खास्त GRP आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट बिलासपुर की अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है।

ACB की जांच में संतोष राठौर की ज्ञात आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपए सामने आई, जबकि उसके खर्च और संपत्ति से जुड़ा आंकड़ा 62 लाख 28 हजार 137 रुपए पाया गया। यानी आय की तुलना में 16 लाख 19 हजार 796 रुपए अधिक का अंतर मिला है।

क्या है मामला

संतोष राठौर बिलासपुर GRP में आरक्षक के पद पर तैनात था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह अन्य आरक्षकों के साथ ट्रेनों में गांजा तस्करी पर कार्रवाई करने वाली टीम का हिस्सा था।

आरोप है कि चारों आरक्षकों ने तस्करों से गांजा जब्त करने के बाद उसे कानूनी कार्रवाई के बजाय अपने पास रख लिया और कथित तौर पर अपने सहयोगियों के जरिए उसे बेचने का काम किया। इस मामले में लक्ष्मण गाईन, मन्नू प्रजापति, संतोष राठौर और सौरभ नागवंशी के नाम सामने आए थे।

पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया कि तस्करी से जुड़े लोगों के साथ संपर्क बनाकर गांजे की सप्लाई कराई जाती थी। मामले में GRP थाना बिलासपुर में NDPS Act की धारा 20(B) और 29 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

2024 में सामने आया था पूरा मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई थी। GRP बिलासपुर ने गांजा तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों से 20 किलो गांजा जब्त किया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता की बात सामने आई।

जांच में आरोप लगाया गया कि ट्रेन में चेकिंग और पेट्रोलिंग के दौरान गांजा पकड़ने वाले कुछ आरक्षक ही जब्त गांजे को अपने सहयोगियों के जरिए बेच रहे थे।

इसके बाद चारों आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई और नवंबर 2024 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। संतोष राठौर को पुलिस अधीक्षक, रेल छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को सेवा से बर्खास्त किया था।

छापेमारी में मिले थे संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज

गांजा तस्करी मामले की जांच के दौरान आरोपियों की संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच की गई। ACB की टीमों ने संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर मकान, जमीन, वाहन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेज जुटाए थे।

इससे पहले जांच एजेंसियों ने गांजा तस्करी से कथित तौर पर अर्जित संपत्ति के रूप में मकान, जमीन और महंगे वाहनों समेत करीब डेढ़ करोड़ रुपए की संपत्तियों को चिन्हित/जब्त करने की कार्रवाई की थी।

साभार: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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