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अयोध्या राम मंदिर निर्माण में अशोक सिंघल का योगदान अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री साय

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अयोध्या राम मंदिर निर्माण में अशोक सिंघल का योगदान अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। राजधानी रायपुर में अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ हुआ। वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने अशोक सिंघल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और समाज, संस्कृति तथा राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अशोक सिंघल का पूरा जीवन समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा। वे एक कुशल संगठनकर्ता थे और समाज की सामूहिक शक्ति में उनका गहरा विश्वास था। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने तथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आकांक्षा को व्यापक जनभावना से जोड़ने और इसके लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई पीढ़ियों का संघर्ष, तप, त्याग और समर्पण जुड़ा है। इस यात्रा में अशोक सिंघल का योगदान भी महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज है।

 

प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ का संबंध बेहद आत्मीय: मुख्यमंत्री साय

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का संबंध केवल आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहद गहरा और आत्मीय रिश्ता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास काल के दौरान प्रभु श्रीराम ने लंबे समय तक छत्तीसगढ़ की धरती पर समय बिताया। माता शबरी की भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण सहित प्रदेश के अनेक स्थान आज भी रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था को संजोए हुए हैं।

 

उन्होंने कहा कि इसी आत्मीय संबंध के कारण अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष भावनात्मक महत्व रखता था। उस दौरान पूरे प्रदेश में उत्सव और उल्लास का माहौल था। छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजकर प्रदेशवासियों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है।

 

अशोक सिंघल की जीवन यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष उनके विराट व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करने के साथ नई पीढ़ी को उनके जीवन और विचारों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प, संगठन क्षमता और समाज के प्रति समर्पण के जरिए व्यापक बदलाव की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकता है।

 

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की धरती से होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने समारोह में मौजूद संतों को नमन करते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज को सदैव सही दिशा प्रदान करता है।

 

कार्यक्रम में संत परमात्मानंद जी महाराज, संत युधिष्ठिर लाल जी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अम्बरीश, टोपलाल वर्मा, राजाराम, कुलवंत सिंह सैनी सहित संतगण, देश-विदेश से पहुंचे पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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Source: Ekhabri

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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