होम › Technology › Gangrel Dam: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, गंगरेल और सोढ़ूर से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी, महानदी के किनारे इन गांवों में बाढ़ का अलर्ट
Technology

Gangrel Dam: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, गंगरेल और सोढ़ूर से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी, महानदी के किनारे इन गांवों में बाढ़ का अलर्ट

WhatsApp Facebook
Gangrel Dam: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, गंगरेल और सोढ़ूर से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी, महानदी के किनारे इन गांवों में बाढ़ का अलर्ट

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

40159-gangrel-dam-1-22-lakh-cusecs-water-release-flood-alert-chhattisgarh Gangrel Dam: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, गंगरेल और सोढ़ूर से छोड़ा गया हजारों क्यूसेक पानी, महानदी के किनारे इन गांवों में बाढ़ का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच बड़े जलाशयों में पानी की आवक तेज हो गई है। जलस्तर बढ़ने के बाद गंगरेल बांध से महानदी में करीब 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं सोढ़ूर बांध से भी 42,570 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है।

गंगरेल जलाशय करीब 99.01 प्रतिशत भर चुका है, जबकि सोढ़ूर बांध में जलभराव 89.42 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गरियाबंद के सिकासार बांध से भी पैरी नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध के चार गेट खोलकर कुल 5,575 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

गंगरेल बांध से 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

लगातार पानी की आवक के कारण गंगरेल जलाशय का जलभराव 99.01 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलस्तर को नियंत्रित करने और बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। गंगरेल बांध से महानदी में करीब 1,22,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

इसके अलावा मुरुमसिल्ली जलाशय से 7,558 क्यूसेक और दुधावा जलाशय से 16,762 क्यूसेक पानी गंगरेल की ओर छोड़ा जा रहा है।

महानदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

गंगरेल से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के जलस्तर पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

सोढ़ूर बांध से 42,570 क्यूसेक पानी छोड़ा

सोढ़ूर जलाशय में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। बांध का जलभराव 89.42 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सोढ़ूर बांध से 42,570 क्यूसेक पानी पैरी से महानदी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है।

जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों और आम नागरिकों से नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

सिकासार बांध के चार गेट खुले

गरियाबंद जिले में पैरी नदी पर स्थित सिकासार बांध में भी पानी की आवक बनी हुई है। 24 सितंबर की शाम 7 बजे उपलब्ध जानकारी के अनुसार बांध का जलस्तर 1328.50 फीट दर्ज किया गया था।

बांध में 167.37 मिलियन घन मीटर पानी का भंडारण है, जो इसकी कुल जलभराव क्षमता का 84.18 प्रतिशत है। पानी की आवक को नियंत्रित करने के लिए सिकासार बांध के चार गेट खोले गए हैं। इनमें तीन गेट 3-3 फीट और एक गेट 2 फीट तक खोला गया है।

सिकासार से कितनी पानी की निकासी?

सिकासार बांध के स्पिल गेट से 4,950 क्यूसेक और पावर प्लांट के जरिए 625 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह बांध से कुल 5,575 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। शुक्रवार सुबह पानी की आवक बढ़ने के बाद पैरी नदी में पानी छोड़े जाने की मात्रा भी बढ़ाई गई है।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)