MP में बिजली उत्पादन को मिली नई रफ्तार, CM मोहन यादव बोले- नवीकरणीय ऊर्जा में बना रहे नए रिकॉर्ड

भोपाल। मध्यप्रदेश अब बिजली उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण की किफायती विद्युत खरीद कार्यशाला में कहा कि प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया और इस दौरान एसोसिएशन की पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को सस्ती, बेहतर और लगातार बिजली उपलब्ध कराना है।
कभी बिजली संकट, अब सरप्लस राज्य- CM
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने बिजली संकट के दौर से निकलकर आज बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य बन चुका है और नई तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए सरकार नई उत्पादन इकाइयों, संधारण और आधुनिक तकनीक पर विशेष ध्यान दे रही है।
5000 से बढ़कर 32 हजार मेगावॉट हुई क्षमता
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश के गठन से लेकर वर्ष 2002-03 तक राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5000 मेगावॉट थी, जो अब बढ़कर 32 हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि इसमें करीब 30 प्रतिशत योगदान ग्रीन एनर्जी का है। प्रदेश में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के जरिए अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावॉट परियोजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीमच-मंदसौर क्षेत्र में ग्रीन गो द्वारा करीब 2000 मेगावॉट क्षमता का प्लांट स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में आमतौर पर कई साल लगते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में इन्हें कम समय में पूरा किया जा रहा है।
सस्ती बिजली और स्मार्ट मीटर पर जोर
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मुरैना में स्थापित सोलर इलेक्ट्रिसिटी स्टोरेज परियोजना से करीब 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 42 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सरकार 24 घंटे अक्षय ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बिजली कंपनियों को घाटा कम करने की सलाह
मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों से अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और घाटा कम करने की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में होने वाला मंथन ऊर्जा क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होगा।
वहीं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्युत वितरण कंपनियों को और अधिक सक्षम बनाने में मदद करेंगे।
Source: Nishaanebaz


