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BJP Social Media Gen-Z Outreach: पोस्टर से रील्स तक, BJP की सोशल मीडिया रणनीति में बदलाव, जानें Gen-Z आंदोलन के बाद खुद को कैसे बदल रही है बीजेपी

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BJP Social Media Gen-Z Outreach: पोस्टर से रील्स तक, BJP की सोशल मीडिया रणनीति में बदलाव, जानें Gen-Z आंदोलन के बाद खुद को कैसे बदल रही है बीजेपी

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच और युवाओं से संवाद को लेकर डिजिटल रणनीति पर मंथन किया है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने राष्ट्रीय सोशल मीडिया वर्कशॉप का उद्घाटन करते हुए देशभर से आए पार्टी के सोशल मीडिया पदाधिकारियों को संबोधित किया। बैठक में सेवा संकल्प अभियान, Gen-Z आउटरीच और डिजिटल कंटेंट की रणनीति पर चर्चा हुई।

वर्कशॉप में सोशल मीडिया टीमों से केवल पारंपरिक पोस्ट और टेक्स्ट कंटेंट तक सीमित न रहने की बात कही गई। पार्टी की ओर से अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म के हिसाब से कंटेंट तैयार करने, शॉर्ट वीडियो और रील्स पर फोकस बढ़ाने तथा स्थानीय भाषाओं में युवाओं से जुड़ने वाले कंटेंट को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सेवा संकल्प अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने की तैयारी

बैठक में राज्य स्तर की सोशल मीडिया टीमों से सेवा संकल्प अभियान को डिजिटल माध्यमों के जरिए अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने को कहा गया।

दिए गए विवरण के मुताबिक, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। वर्कशॉप में प्रधानमंत्री मोदी के सेवा कार्यों और जनता से उनके जुड़ाव से जुड़े विषयों को डिजिटल कंटेंट के जरिए सामने लाने पर भी जोर रहा।

पुराने पोस्टर और टेक्स्ट पोस्ट से आगे बढ़ने पर जोर

सोशल मीडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए बीजेपी की डिजिटल टीमों को कंटेंट के तरीके में बदलाव करने का निर्देश दिया गया।

पार्टी की ओर से शॉर्ट-फॉर्म वीडियो, रील्स, विजुअल स्टोरीटेलिंग और क्रिएटिव फॉर्मेट को ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि एक ही तरह का कंटेंट हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डालने के बजाय प्लेटफॉर्म की प्रकृति और वहां के यूजर्स के मुताबिक कंटेंट तैयार करने पर फोकस रहेगा।

Instagram और शॉर्ट वीडियो पर खास फोकस

बैठक में इंस्टाग्राम और रील/शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी मजबूत करने की बात भी सामने आई। खासतौर पर युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए ऐसे फॉर्मेट पर जोर दिया गया, जिन्हें मोबाइल पर कम समय में देखा और समझा जा सके।

AI टूल्स के इस्तेमाल पर भी जोर

डिजिटल कंटेंट तैयार करने में नई पीढ़ी के AI टूल्स के इस्तेमाल को भी रणनीति का हिस्सा बनाया गया है। AI का इस्तेमाल कंटेंट डेवलपमेंट, अनुवाद, एडिटिंग, रिसर्च और कंटेंट को तेजी से तैयार करने जैसे कामों में करने पर जोर दिया गया।

साथ ही स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर कंटेंट तैयार करने की बात कही गई। यहां फोकस केवल तकनीक इस्तेमाल करने पर नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए तेजी से और अलग-अलग फॉर्मेट में कंटेंट तैयार करने पर है।

Gen-Z और स्थानीय मुद्दों पर रहेगा ध्यान

बीजेपी की सोशल मीडिया रणनीति में Gen-Z और युवाओं तक पहुंच को अहम विषय के तौर पर रखा गया। राज्य इकाइयों को क्षेत्रीय भाषाओं में स्थानीय मुद्दों से जुड़े कंटेंट तैयार करने को कहा गया है।

यानी राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से जुड़े विषयों को स्थानीय भाषा और स्थानीय संदर्भ में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखने की कोशिश होगी।

सिर्फ फॉलोअर्स नहीं, एंगेजमेंट पर जोर

वर्कशॉप में सोशल मीडिया की सफलता को केवल फॉलोअर्स या इंप्रेशन की संख्या से देखने के बजाय एंगेजमेंट, बातचीत और डिजिटल कम्युनिटी बनाने पर जोर दिया गया।

इसका सीधा मतलब है कि पार्टी की सोशल मीडिया टीमें केवल पोस्ट की पहुंच बढ़ाने के बजाय लोगों के साथ संवाद और उनकी प्रतिक्रिया को भी डिजिटल रणनीति का हिस्सा बनाने पर ध्यान देंगी।

बीजेपी की डिजिटल रणनीति में क्या दिखा बदलाव?

राष्ट्रीय सोशल मीडिया वर्कशॉप में सामने आए फोकस को देखें तो पार्टी की डिजिटल रणनीति में तीन प्रमुख बातें दिखाई देती हैं। पहला युवा और Gen-Z तक पहुंच, दूसरा प्लेटफॉर्म के हिसाब से कंटेंट और तीसरा AI आधारित कंटेंट तैयार करना।

इसके साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं और स्थानीय मुद्दों को डिजिटल कम्युनिकेशन में शामिल करने पर भी जोर दिया गया है। 

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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