‘नमस्ते’ योजना म छत्तीसगढ़ देश म नंबर-1: सीवर-सेप्टिक कर्मी मन के सुरक्षा म मारिस बाजी
NAMASTE Scheme Chhattisgarh : रायपुर। सीवर अउ सेप्टिक टैंक म काम करे वाला कर्मी मन के सुरक्षा, सम्मान अउ सामाजिक सुरक्षा के मामला म छत्तीसगढ़ ला एक बड़े उपलब्धि हासिल होय हे। केंद्र सरकार के ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के रैंकिंग म छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप ले पूरा देश म पहिल नंबर म आए हे। छत्तीसगढ़ के संग-संग आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश अउ केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी घलो संयुक्त रूप ले पहिल नंबर म हवँय।
2023 ले चलत हे योजना ‘नमस्ते’ योजना ला केंद्र सरकार ह 2023 म शुरू करे रिहिस। एखर असल मकसद स्वच्छता कर्मी मन ला सुरक्षित अउ सम्मानजनक रोजगार देना हे। एखर संगच मशीन के उपयोग ला बढ़ावा देना अउ हाथ ले खतरनाक सफाई के प्रथा ला सिरावना हे। ए योजना के लक्ष्य सफाई काम के बेरा होए वाला मौत ला शून्य (जीरो) करना हे।
100 नंबर के पूरा खेल सब्बो राज्य मन के मूल्यांकन 100 नंबर के पैमाना म करे गिस। स्वच्छता कर्मी मन के जांच बर 20 अंक, मशीनीकरण बर 10, ERSU अउ 14420 हेल्पलाइन बर 20, सामाजिक सुरक्षा बर 20 अउ सफाई के बेरा होए वाला मौत के मामला म रोक, मुआवजा अउ जवाबदेही बर 30 अंक रखे गय रिहिस। सफाई के बेरा मौत होय म माइनस मार्किंग के घलो नियम हे।
एक सच्चाई एहू हे स्वच्छता कर्मी मन के सुरक्षा म भले छत्तीसगढ़ ला संयुक्त रूप ले नंबर-1 के खिताब मिले हे, लेकिन मार्च महीना म रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल म तीन स्वीपर मन के मौत हो गे रिहिस। जेखर कारण बिना पूरा सुरक्षा सामान के गहिर टैंक म उतारना बताए गय रिहिस, जिहाँ जहरीली गैस के सेती ओकर मन के दम घुट गे रिहिस।
कतको श्रेणी हे योजना म ए योजना म सीवर अउ सेप्टिक टैंक कर्मी मन के अलावा कचरा बीने वाला, नाली साफ करे वाला अउ STP तथा FSTP म काम करे वाला मन ला घलो शामिल करे गय हे। ए योजना ला शहरी कार्य मंत्रालय अउ सामाजिक न्याय मंत्रालय संग म चलावत हवँय। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम एखर काम ला देखत हे।
1428 कर्मी मन ला मिलीस PPE किट विभाग के मुताबिक राज्य म अब तक 1487 सीवर अउ सेप्टिक टैंक कर्मी मन के सर्वे करे गय हे। एमा ले 1465 के सत्यापन हो चुके हे। 169 शहर म 1428 कर्मी मन ला PPE किट दिए गय हे। ओही पाए 1374 कर्मी मन के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गय हे।
सुरक्षा ट्रेनिंग घलो जारी 139 सीवर अउ सेप्टिक टैंक कर्मी मन ला काम के सुरक्षा बर ट्रेनिंग दिए गय हे। एखर अलावा 923 स्वच्छता कर्मी मन बर वर्कशॉप रख के ओमन ला सुरक्षा के ट्रेनिंग दिए गिस। यानी योजना सिर्फ सामान बांटे तक सीमित नइये, कर्मी मन ला सुरक्षित तरीका ले काम करे के ट्रेनिंग घलो दिए जात हे।
15 हजार ले जादा लोगिन जुड़िन 14 जुलाई के राज्य के सब्बो निकाय म ‘नमस्ते दिवस’ मनाए गय रिहिस। एमा 15 हजार ले जादा स्वच्छता कर्मी, जनप्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अउ आम लोगिन मन शामिल होइन। ए कार्यक्रम म स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा ट्रेनिंग, कर्मी मन के सम्मान अउ PPE किट व आयुष्मान कार्ड के बांटना होइस।
कचरा बीने वाला मन म घलो ध्यान योजना म कचरा बीने वाला (वेस्ट पिकर्स) मन ला घलो शामिल करे गय हे। राज्य म 8527 वेस्ट पिकर्स के जानकारी जुटाए गय हे। एमा ले 6799 के सत्यापन पूरा हो चुके हे। 991 ला PPE किट अउ 512 ला सुरक्षा ट्रेनिंग दिए गय हे। 6287 अऊ वेस्ट पिकर्स मन ला ट्रेनिंग दे के तैयारी हे।
47 जगह इमरजेंसी सिस्टम स्वच्छता कर्मी मन बर इमरजेंसी सिस्टम ला घलो मजबूत करे गय हे। राज्य म 47 Emergency Response Sanitation Units (ERSU) बनाए गय हे। एमा 14 नगर निगम, 24 जिला मुख्यालय अउ 9 जादा आबादी वाले निकाय शामिल हवँय। 39 ERSU ला सुरक्षा किट घलो दे जा चुके हे।
14420 हेल्पलाइन ले मदद ERSU के संग 14420 हेल्पलाइन घलो चलाए जात हे। एखर मकसद इमरजेंसी के बेरा स्वच्छता सेवा ला तुरंत अउ सुरक्षित तरीका ले पहुंचाना हे। एखर ले सीवर अउ सेप्टिक टैंक ले जुड़े जोखिम वाले काम म तुरंत मदद पहुंचाए के व्यवस्था करे जात हे।
अब असली परीक्षा जमीन म रैंकिंग म नंबर-1 आना बड़े बात हे। लेकिन असली चुनौती एला जमीन म बनाए रखे के हे। सवाल ए हे कि का सब्बो निकाय म जोखिम वाले काम पूरी तरह ले मशीन म ही होही? का PPE अउ ट्रेनिंग लगातार मिलही? अउ का सफाई के काम म होए वाला मौत ला सही म शून्य करे जा सकही? एही ए उपलब्धि के आगू के परीक्षा होही।



