लाल डायरी मं दर्ज रकम के राज, ईडी के सामने छाबड़ा उपर पन्ना नष्ट करे के आरोप
DMF Scam Red Diary : रायपुर। डीएमएफ घोटाला के जांच मं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथ एक लाल डायरी लगिस, जेमे नकद लेन-देन अउ कमीशन के हिसाब-किताब दर्ज होय के दावा जांच एजेंसी करिस हे। ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान गिरफ्तार मुख्य लाइजनर सतपाल सिंह छाबड़ा पूछताछ के समय डायरी के कुछ पन्ना फाड़के नष्ट करे के कोशिश करिस। एजेंसी के दावा हे कि एक पन्ना ल मुंह मं डालके चबाए के भी कोशिश करे गे, फेर अधिकारी मन पन्ना बरामद कर लिहिन। ईडी अब एला सबूत नष्ट करे के कोशिश के रूप मं देखत हे।
लाल डायरी मं कई रकम के हिसाब
ईडी के कार्रवाई के दौरान छाबड़ा के ठिकाना ले बरामद लाल डायरी जांच के महत्वपूर्ण आधार बन गे हे। एजेंसी के अनुसार, डायरी मं अलग-अलग रकम के लेन-देन के हाथ से लिखे ब्योरा मिलिस हे। तलाशी के दौरान कुछ पन्ना मं 60 लाख, 31.50 लाख, 7.50 लाख, 35 लाख अउ 30 लाख रुपिया जइसन रकम के एंट्री मिले के बात कही गे हे।
डायरी मं पटवारी अकाउंट अउ रजिस्ट्री विलय जइसन उल्लेख घलो मिले हवंय। ईडी के मुताबिक, करीब 9.11 करोड़ रुपिया कमीशन के रकम तीसरे पक्ष के खातामन मं भेजे गे के उल्लेख घलो डायरी मं मिलिस हे।
13 विक्रेता मन ले 21.33 करोड़ रुपिया मिले के दावा
जांच एजेंसी के मुताबिक, बीज निगम ले जुड़े 13 विक्रेता मन ले छाबड़ा ल कुल 21.33 करोड़ रुपिया मिले के साक्ष्य सामने आए हवंय। ए रकम मं करीब 11.19 करोड़ रुपिया बैंकिंग माध्यम ले अउ 10.13 करोड़ रुपिया नकद मिले के दावा हे।
एमा अलावा तीन विक्रेता मन ले विनय गर्ग के माध्यम ले 3.66 करोड़ रुपिया अउ ओजस एग्रो केमिकल्स ले नरेंद्र सिंह के जरिए 6.06 करोड़ रुपिया नकद मिले के बात घलो जांच मं सामने आय हे।
ईडी के आरोप हे कि छाबड़ा 2019 ले 2023 के बीच बीज निगम के काम ले जुड़े कंपनिमन के सलाहकार के रूप मं काम करत रहिस। एजेंसी के मुताबिक, परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग अउ बिलिंग जइसन काम के बदला सामान के मूल कीमत मं 20 ले 32 प्रतिशत तक कमीशन लेय के व्यवस्था रहिस। ईडी ए रकम ल सामान्य सेवा शुल्क माने से इनकार करिस हे।
करीब 31 करोड़ के कथित कमीशन की जांच
जांच मं छाबड़ा के ऊपर करीब 31 करोड़ रुपिया के कथित अवैध कमीशन लेन-देन के आरोप हे। ईडी के कहना हे कि ए रकम ल सीधे रखे के बजाय परिवार, एचयूएफ, कारोबारी संस्था अउ दूसर खाता मन के जरिए घुमाके संपत्ति मं निवेश करे गे।
जांच एजेंसी के अनुसार, सैंड एग्रीगेट के नाम ले 19 भूखंड अउ सैंड स्टोन इंफ्रा के नाम ले 11 भूखंड खरीदे गे हवंय। अब ईडी कथित 31 करोड़ रुपिया के अपराध आय के पूरा मनी ट्रेल तलाशत हे। साथ मं डायरी के नष्ट करे गए पन्ना मं दर्ज लेन-देन अउ कथित सिंडिकेट ले जुड़े दूसर लोग मन के भूमिका के घलो जांच होवत हे।
पिछली सरकार के दौरान प्रभावशाली लोगों से कनेक्शन का दावा
ईडी के जांच मं ये दावा घलो सामने आय हे कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय छाबड़ा कुछ प्रभावशाली नेता मन बर वित्तीय समन्वयक के भूमिका निभावत रहिस।
अब जांच एजेंसी डायरी मं दर्ज रकम, बैंक खाता, संपत्ति अउ नकद लेन-देन ल आपस मं जोड़के कथित पूरे नेटवर्क के जानकारी जुटावत हे। हालांकि मामले मं सामने आए आरोप अउ दावे जांच एजेंसी के हवंय, अउ जांच पूरा होय के बाद ही पूरा मामला साफ होही।



