साय कैबिनेट मं फेरबदल के चर्चा तेज, कुछ मंत्री हो सकथें बाहर, बड़े विभाग मं भी बदलाव के संकेत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कैबिनेट मं फेरबदल के चर्चा एक बार फिर तेज हो गे हे। राजनीतिक गलियारा मं अब ये बात चलत हे कि साय सरकार के ढाई साल पूरा होय के बाद कुछ मंत्री के कामकाज के समीक्षा हो सकथे। चर्चा ये भी हे कि जिन मंत्री के प्रदर्शन संतोषजनक नइ रहिस, उनकर जगह कुछ नवा चेहरा ल कैबिनेट मं शामिल किया जा सकथे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लगातार दिल्ली दौरा अउ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ले मुलाकात के बाद कैबिनेट फेरबदल के चर्चा अउ जोर पकड़ लिहिस। नितिन नवीन छत्तीसगढ़ के लंबे समय तक प्रभारी रह चुके हवंय अउ प्रदेश के राजनीतिक स्थिति ले अच्छी तरह परिचित माने जाथें। मोदी कैबिनेट मं विस्तार के बाद छत्तीसगढ़ के साय कैबिनेट मं भी बदलाव के संभावना बताई जा रही हे।
तीन-चार मंत्री के छुट्टी के चर्चा
सूत्र मन के मुताबिक, साय कैबिनेट मं कामकाज के आधार मं तीन ले चार मंत्री के छुट्टी हो सकथे। सरकार अउ संगठन के स्तर मं मंत्री मन के रिपोर्ट कार्ड तैयार करे गे हे। मंत्री मन के विधानसभा क्षेत्र के कामकाज, अपन जिला मं सक्रियता, जनता के शिकायत, कार्यकर्ता मन के नाराजगी अउ अधिकारी मन के साथ तालमेल जइसन बात के समीक्षा होवत हे।
चर्चा ये भी हे कि कुछ मंत्री मन के कामकाज ल उम्मीद के मुताबिक नइ मान गे हे। कुछ मंत्री मन के खिलाफ लेन-देन संबंधी शिकायत अउ चर्चा के बात घलो सामने आय हे। हालांकि कैबिनेट मं फेरबदल के संबंध मं अभी तक कोनो आधिकारिक घोषणा नइ होय हे।
कुछ बड़े विभाग मं भी हो सकथे बदलाव
मंत्री मन के बदलाव के साथ कुछ बड़े विभाग के जिम्मेदारी मं भी फेरबदल के संभावना जताई जा रही हे। चर्चा हे कि कुछ विभाग के कामकाज ल अपेक्षा के मुताबिक नइ मान गे हे। अइसने मं नवा मंत्री मन ल महत्वपूर्ण विभाग के जिम्मेदारी दी जा सकथे।
साय कैबिनेट मं मुख्यमंत्री समेत कुल 14 मंत्री हवंय, जो कैबिनेट के पूरा संख्या हे। अगर नवा मंत्री मन ल शामिल करना हे, त कुछ मौजूदा मंत्री मन ल बाहर करना जरूरी होही। महिला चेहरा के रूप मं लता उसेंडी के नाम के चर्चा हे। वहीं भाजपा के पुराने अउ संगठनात्मक काम मं माहिर माने जाए वाले अमर अग्रवाल के नाम के भी चर्चा चलत हे।
दिल्ली मं सरकार अउ संगठन के कामकाज पर चर्चा
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरा के दौरान सरकार अउ संगठन के कामकाज के संबंध मं फीडबैक लिए गे हे। जिला मं मंत्री मन के सक्रियता, अधिकारी मन के कामकाज, कार्यकर्ता मन के नाराजगी, जनता के शिकायत अउ सरकार-संगठन के बीच तालमेल जइसन मुद्दा मं चर्चा होय के बात कही जा रही हे।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ले मुलाकात घलो होइस। रायपुर वापस आए के बाद जब मुख्यमंत्री ले प्रदेश प्रभारी के संबंध मं सवाल पूछे गे, त उन्होंने कहिस कि संगठन मं कोनो न कोनो प्रभारी तो रहिही। मुख्यमंत्री के ये छोट जवाब के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हवंय।
मंत्री मन के रिपोर्ट कार्ड पर संगठन के नजर
प्रदेश संगठन के बैठक मं प्रभारी मंत्री मन ले अपन-अपन जिला के फीडबैक लिए गे हे। मंत्री मन ले पूछे गे कि सरकार के योजना मन के फायदा जमीनी स्तर तक कतका पहुंचत हे, जनता के शिकायत के समाधान होवत हे कि नइ, कार्यकर्ता मन के साथ संवाद कइसन हे अउ संगठन के साथ तालमेल कतका मजबूत हे।
सूत्र मन के मुताबिक, कुछ जिला मं कार्यकर्ता मन के नाराजगी के बात घलो सामने आय हे। खासकर मंत्री अउ अधिकारी मन के रवैया ल लेकर कार्यकर्ता मन के शिकायत ल संगठन गंभीरता ले देखत हे। एही कारण अब ये चर्चा तेज हे कि ढाई साल के रिपोर्ट कार्ड के आधार मं साय कैबिनेट मं बदलाव हो सकथे।
2028 चुनाव के तैयारी भी बड़ा कारण
भाजपा के लिए साल 2028 के विधानसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हे। चुनाव ल ध्यान मं रखके संगठन अभी ले तैयारी मं जुट गे हे। पिछला विधानसभा चुनाव मं जिहां पार्टी ल हार के सामना करना पड़िस, ओ क्षेत्र मन ल मजबूत करना संगठन के प्राथमिकता मं हे।
बूथ स्तर तक संगठन ल सक्रिय करना, कमजोर इलाका मं नेता मन के जिम्मेदारी तय करना अउ सरकार के योजना मन के लाभ जनता तक पहुंचाना, चुनावी तैयारी के हिस्सा माने जा रहे हे। ऐसे मं ढाई साल बाद मंत्री मन ले लिया जा रहा फीडबैक सिरिफ अब तक के कामकाज के हिसाब नइ हे, बल्कि 2028 के चुनाव ल ध्यान मं रखके सरकार अउ संगठन ल अउ मजबूत बनाए के तैयारी के रूप मं भी देखे जा सकथे।



