महतारी वंदन योजना: 67 हजार सियान-सियानिन मन के रुकिस पैसा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महतारी वंदन योजना मा करीब 67 हजार महतारी मन ला मिले वाला पैसा अभी रोक दे गे हे। एकर असली कारन ई-केवाईसी के पूरा नइ होना हवे। एमा बड़े संख्या उन महतारी मन के हे, जो दे गे पते मा नइ मिलिन। उहें अउ कतको महतारी मन के अंगूठा के छाप अउ आंखी के पुतली आधार कार्ड के रिकार्ड ले मेल नइ खाइस।
महिला अउ बाल विकास विभाग ह योजना मा साफ-सुथरा काम करे बर पहली बेर सबो हितग्राही मन के ई-केवाईसी करवाए हे। एकर बाद बड़े संख्या मा अपात्र मन के नाम ला हटाए गे हे।
ई-केवाईसी के बाद हटिस 1.61 लाख नाम
महतारी वंदन योजना के सुरुआत मार्च 2024 मा होय रिहिस। योजना के तहत करीब 70 लाख महतारी मन ला हर महीना 1000 रुपिया के आर्थिक मदद दे जात हे।
ई-केवाईसी के काम पूरा होए के बाद अब तक करीब 1.61 लाख महतारी मन के नाम सूची ले हटा दे गे हे। एमा 1.33 लाख महतारी अइसन हवयं, जिनकर सुरधाम (मृत्यु) हो चुके हे। उहें करीब 27 हजार 700 महतारी योजना बर अपात्र पाए गे हवय। एकर अलावा 912 महतारी मन ह खुद योजना के लाभ नइ लेवे के इच्छा जताइन।
50 हजार महतारी मन के खोज नइ होइस पूरा
विभाग के मुताबिक करीब 50 हजार महतारी मन ई-केवाईसी करवाए बर नइ पहुचिन। एकर बाद विभागीय टीम मन उनकर दे गे पते मा जाके जानकारी जुटाइन।
जांच मा पता चलिस कि कतको महतारी मन आन जिला या आन राज्य मा रहे बर चले गे हवय। अब अगर ओ मन अपन पुराने आवेदन वाले जगह मा जाके ई-केवाईसी पूरा कराथे, त उनकर रुके हुए पैसा ला जारी करे जा सकत हे।
17 हजार महतारी मन के बायोमेट्रिक फेल
ई-केवाईसी के बेरा करीब 17 हजार महतारी मन के फिंगर प्रिंट अउ आंखी के पुतली आधार रिकार्ड ले मेल नइ खाइस। एकर कारन उनकर पहचान के काम पूरा नइ हो सकी।
ए महतारी मन ला लेके महिला अउ बाल विकास विभाग ह सरकार ला जानकारी भेज दे हे। विभाग ए बात मा विचार करत हे कि अइसन महतारी मन ला कौन तरीका ले योजना के लाभ दे जाय।
अपात्र लोगन ले होइस वसूली
ई-केवाईसी के बेरा विभाग ला कतको अइसन मामला मिलिस, जेमा महतारी मन योजना बर पात्र नइ रिहिन। करीब 12 हजार 700 लोगन अइसन मिलिन, जिनकर घर मा सरकारी नौकरी करे वाला सदस्य रिहिन या ओ मन आयकरदाता रिहिन।
उहें करीब 15 हजार आवेदन डुप्लीकेट पाए गइन। एमा ले दोहराए गए आवेदन मन ला निरस्त करे गिस। विभाग के मुताबिक अब तक करोड़ों रुपिया के समायोजन अउ वसूली करे जा चुके हे।
सुरधाम हो चुके महतारी मन के नाम मा घलो जावत रिहिस पैसा
जांच के बेरा कछु अइसन मामला घलो आगू आइस, जिहाँ सुरधाम हो चुके महतारी मन के नाम मा योजना के पैसा जारी होवत रिहिस। अधिकारी मन के कहना हे कि कतको मामला मा नाम अउ परिवार के जानकारी एक जइसन होए के कारन रिकार्ड मा गलती हो गे रिहिस।
अइसन मामला मा गलत तरीका ले जारी पैसा के वसूली के काम सुरु करे गे हे। अगर पैसा बैंक खाता मा हवय त ओला वापस ले जावत हे।
98 प्रतिशत महतारी मन के ई-केवाईसी पूरा
महिला अउ बाल विकास विभाग के मुताबिक राज्य मा करीब 68.6 लाख महतारी मन के ई-केवाईसी करे जाना रिहिस। एमा ले 67.4 लाख ले जादा महतारी मन के काम पूरा हो चुके हे।
विभाग के कहना हे कि बचे हुए महतारी मन बर समय बढ़ा दे गे हे। अब ओ मन जल्दी ले जल्दी ई-केवाईसी पूरा कराके योजना के लाभ फेर ले सुरु करवा सकत हवयं।
मंत्री ह कहिन, चिंता झन करव महतारी मन
महिला अउ बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ह कहिन कि जिन महतारी मन के फिंगर प्रिंट आधार ले मेल नइ खावत हे, ओ मन ला परेशान होए के जरूरत नइये। अइसन मामला मा सरकार के स्तर मा विचार करे जावत हे।
ओ मन कहिन कि जिन महतारी मन ह दो साल पहली जे जगह ले आवेदन करे रिहिन, ओ मन उहें जाके ई-केवाईसी पूरा करावय। काम पूरा होए के बाद उनकर पैसा जारी करे बर निरनय ले जायही।



