होम Chhattisgarh आज है हलषष्ठी की व्रत, इन चीजों को करें पूजा में शामिल
Chhattisgarh

आज है हलषष्ठी की व्रत, इन चीजों को करें पूजा में शामिल

WhatsApp Facebook
आज है हलषष्ठी की व्रत, इन चीजों को करें पूजा में शामिल

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु की कामना में व्रत करती हैं। व्रत की बात करे तो पूरे दिन ऐसी चीजों का सेवन करती हैं जिनकी खेती न की जाती हो या जिसे हल चलाकर न उगाया जाता हो। इसका साथ ही भैंस का दूध और घी, दही का खास महत्व है।

 

हलषष्ठी को हल छठ के नाम से भी जाना जाता है और यह दिन भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

हलषष्ठी का व्रत मुख्य रूप से संतान की दीर्घायु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस व्रत में पूजा के समय कुछ विशेष चीजें चढ़ाई जाती हैं और मुख्य रूप से महुआ के पत्तों की पूजा की जाती है।

 

इस दिन न तो खेती से जुड़ा कोई काम किया जाता है और न ही इससे जुड़ी चीजों का सेवन किया जाता है। आइए आपको बताते हैं हल छठ की पूजा में मुख्य रूप से कौन सी सामग्रियां चढ़ाई जाती हैं और इनका महत्व क्या है? हल छठ की पूजा में कुछ विशेष सामग्रियां चढ़ाई जाती हैं और उनका अलग-अलग महत्व भी होता है। आइए जानें पूजा की सभी सामग्रियों के बारे में-

 

छठ माता की तस्वीर

हल छठ की पूजा के लिए सबसे जरूरी होती है छठ माता की तस्वीर या कैलेंडर। अगर आपको यह तस्वीर न मिले तो आप किसी कागज पर या फिर दीवार में गोबर से तस्वीर बना सकती हैं।हलषष्ठी की पूजा में कुश और दूर्वा का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है। इसे किसी भी पूजा में शुभ माना जाता है और हल छठ की पूजा में भी कुशा या दूर्वा का प्रयोग किया जाता है। इस घास को पूजा में शुद्धता एवं मंगल का प्रतीक माना जाता है।

 

महुआ के पत्ते का महत्व

हलषष्ठी व्रत में महुआ के पत्तों का विशेष महत्व होता है। इस पूजा में आपको महुआ के पत्ते जरूर चढ़ाने चाहिए इससे पूजा का पूर्ण फल मिलता है।

 

भैंस का दही और घी

हल छठ की पूजा में भैंस के दूध और दही का इस्तेमाल किया जाता है और इस दिन गाय के दूध और घी को पूजा में इस्तेमाल नहीं करते हैं क्योंकि मान्यता है कि इस दिन गाय का पूरा दूध उसके बछड़े के लिए होता है।

 

मिट्टी के छोटे कुल्हड़

हल छठ की पूजा में मुख्य रूप से मिट्टी के कुल्लहड़ रखे जाते हैं और इसमें सात तरह के अनाज भरे जाते हैं। इन मिट्टी के कुल्लहड़ों को पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

 

फल

हल छठ की पूजा के लिए मौसमी और सात्त्विक फलों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन ध्यान रखें कि इन फलों को व्रत रखने वाली महिलाओं को ग्रहण नहीं करना चाहिए, क्योंकि व्रत वाली महिलाओं को ऐसी चीजों का ही सेवन करना चाहिए जिनकी खेती न होती हो।

 

फूल

किसी भी अन्य पूजा की तरह हलषष्ठी में भी फूल अर्पित किए जाते हैं। अलग-अलग फूलों से पूजा की चौकी को सजाता जाता है और हल छठ माता को भी फूल अर्पित किए जाते हैं।

 

सात प्रकार के अनाज

हल छठ की पूजा में सात तरह के अनाज चढ़ाए जाते हैं। आप पूजा में गेहूं, जौ, अरहर, मक्का, मूंग, धान आदि चढ़ा सकती हैं। ध्यान रखें कि पूजा में साबुत अनाज ही चढ़ाने चाहिए और इन्हें भूनकर ही चढ़ाएं।

 

दीपक और घी

पूजा के दौरान दीपक जलाया जाता है। इस दिन आपको गाय के घी की जगह भैंस के घी का इस्तेमाल पूजा में करना चाहिए। आप तिल के तेल का दीपक भी पूजा में जला सकती हैं। इसके साथ ही आप पूजन के समय धूप बत्ती भी जलाएं।

 

हलषष्ठी व्रत की पूजा विधि क्या है?

हलषष्ठी व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होने के बाद व्रत का संकल्प लें।

इस दिन व्रत करने वाली महिलाओं को ऐसी किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए जिसे खेत में हल चलाकर उगाया जाता है।

इस दिन गाय के दूध से बनी किसी चीज का भी सेवन करने की मनाही होती है।

पूजा के समय आप घर में भैंस के गोबर से दीवार पर छठ माता की तस्वीर बनाएं।

इसके बाद एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

मिट्टी के 6 कुल्हड़ लें और उसमें 7 तरह के साबुत अनाज भरें।

पूजा के स्थान पर महुआ के पत्ते लगाएं और उनकी भी पूजा करें।

हरछठ व्रत की कथा पढ़ें और बलराम जी और भगवान कृष्ण की आरती करें।

आरती के बाद भोग अर्पित करें और पूरे दिन व्रत का पालन करें।

The post आज है हलषष्ठी की व्रत, इन चीजों को करें पूजा में शामिल appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)