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BPSC TRE-4 अब एक ही चरण में होगी परीक्षा, सम्राट सरकार ने मानी छात्रों की मांगें

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BPSC TRE-4 अब एक ही चरण में होगी परीक्षा, सम्राट सरकार ने मानी छात्रों की मांगें

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37084-bihar-teacher-recruitment-exam-single-stage- BPSC TRE-4 अब एक ही चरण में होगी परीक्षा, सम्राट सरकार ने मानी छात्रों की मांगें

पटना। बिहार में लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को घोषणा की कि BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। अब इस भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) अलग-अलग नहीं कराई जाएगी। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है।

छात्रों की प्रमुख मांग मानी गई

पटना में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक में TRE-4 के परीक्षा पैटर्न समेत भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर शुरू से गंभीर रही है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया गया। TRE-4 को एकल चरण में कराने की मांग छात्रों के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा थी। सरकार की सहमति के बाद आंदोलनकारियों की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने पर सहमति जताए जाने की बात सामने आई है।

परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति

राज्य सरकार ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति परीक्षाओं से जुड़े नियम, पारदर्शिता, परीक्षा पैटर्न और अभ्यर्थियों की शिकायतों का अध्ययन कर सरकार को सुझाव देगी। सरकार के मुताबिक, समिति के सामने अलग-अलग परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की समस्याएं भी रखी जा सकेंगी, ताकि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।

समय पर परीक्षाएं कराने का भरोसा

सरकार और छात्रों के बीच सहमति के मुताबिक BPSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं को निर्धारित समय पर आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर उसके अनुसार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है। 1799 दारोगा भर्ती परीक्षा की जांच और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट (BET) कराने जैसे मुद्दों पर आगे की कार्रवाई परीक्षा सुधार समिति की अनुशंसाओं के आधार पर करने पर सहमति बनी है।

लाइब्रेरियन भर्ती जल्द शुरू करने का फैसला

बैठक में लाइब्रेरियन भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर भी सहमति बनी। लंबे समय से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। वहीं संविदा कर्मचारियों की भर्ती में यदि अंक या वेटेज दिए जाते हैं, तो उनके लिए अलग कोटा तय करने की संभावना पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला हुआ है।

डोमिसाइल नीति और उम्र सीमा पर होगी समीक्षा

सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के मुद्दे पर भी सहमति बनी। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा से जुड़ी मांग को भी परीक्षा सुधार समिति के समक्ष रखा जाएगा। अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के हितों और उम्र सीमा से जुड़े मुद्दों का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

भर्ती परीक्षा का कैलेंडर होगा अनिवार्य

सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं के लिए परीक्षा कैलेंडर जारी करने और उसका सख्ती से पालन करने की बात कही है। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति की संभावित समयसीमा का स्पष्ट अंदाजा मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करना और चयन प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है।

पेपर और OMR में पारदर्शिता पर जोर

BPSC की तर्ज पर भर्ती परीक्षाओं में पेपर, OMR शीट और आंसर शीट से जुड़ी पारदर्शिता को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव परीक्षा सुधार समिति के सामने रखा जाएगा। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद उत्तरों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अधिक स्पष्टता देना और विवाद की संभावनाओं को कम करना है।

पेपर लीक की जांच EOU करेगी

बैठक में BPSC की AEDO, Sanitary Inspector समेत अन्य परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने पर भी सहमति बनी। इन मामलों की जांच आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ से शिकायतों का समाधान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू किए हैं। इनके माध्यम से छात्रों की शिकायतों को दर्ज कर निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।सरकार के अनुसार, इन माध्यमों से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था बनाई गई है।

आंदोलन के बाद सरकार और अभ्यर्थियों में बनी सहमति

TRE-4 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई दिनों से जारी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद सरकार के साथ बातचीत में यह समझौता सामने आया है। सबसे बड़ा फैसला TRE-4 को एकल चरण में कराने का है।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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