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UP Board ने बदले जन्मतिथि के नियम: स्कूल में प्रवेश के समय देना होगा प्रमाणित दस्तावेज, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

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UP Board ने बदले जन्मतिथि के नियम: स्कूल में प्रवेश के समय देना होगा प्रमाणित दस्तावेज, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

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37079-up UP Board ने बदले जन्मतिथि के नियम: स्कूल में प्रवेश के समय देना होगा प्रमाणित दस्तावेज, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

UP Board: प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UP Board) ने विद्यार्थियों की जन्मतिथि में होने वाले संशोधन और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब स्कूलों में बच्चे के पहली बार प्रवेश के समय ही प्रामाणिक दस्तावेज के आधार पर जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। साथ ही जिस दस्तावेज के आधार पर जन्मतिथि दर्ज की गई है, उसका विवरण भी रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा।

जन्मतिथि संशोधन के बढ़ रहे थे मामले

UP Board के क्षेत्रीय कार्यालयों और प्रयागराज मुख्यालय में हाईस्कूल अंकपत्र सह प्रमाणपत्र में जन्मतिथि संशोधन के कई मामले सामने आ रहे थे। जांच में पता चला कि कुछ विद्यार्थियों का प्रवेश निर्धारित न्यूनतम आयु से कम उम्र में किया गया था। कई मामलों में स्कूलों ने जन्मतिथि दर्ज करने वाले मूल दस्तावेज का उल्लेख भी नहीं किया था।

कक्षा एक में प्रवेश की उम्र 6 साल

निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र छह वर्ष निर्धारित है। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि प्रवेश के समय आयु और जन्मतिथि की सही जानकारी प्रमाणित दस्तावेज के आधार पर ही दर्ज की जाए।

जन्म प्रमाण पत्र नहीं है तो ये दस्तावेज मान्य

यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो अस्पताल या ANM का रिकॉर्ड, आंगनबाड़ी का अभिलेख, ग्राम पंचायत का जन्म-मृत्यु रजिस्टर या माता-पिता/अभिभावक का शपथ-पत्र आधार बनाया जा सकता है।

स्कूल रिकॉर्ड में दस्तावेज का उल्लेख जरूरी

बोर्ड ने कहा है कि विद्यार्थी की जन्मतिथि दर्ज करते समय संबंधित प्रमाण का उल्लेख रिकॉर्ड में किया जाए। इससे भविष्य में जन्मतिथि को लेकर विवाद होने पर मूल दस्तावेज का आसानी से सत्यापन किया जा सकेगा और हाईस्कूल प्रमाणपत्र में संशोधन के मामलों में भी कमी आएगी।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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