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शिक्षा से समाज का विकास, कंवर समाज को सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ की सौगात

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शिक्षा से समाज का विकास, कंवर समाज को सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ की सौगात

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रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर बच्चे की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री आज रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु सहित समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का मार्ग दिखाया है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

 

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व समाज को आगे ले जाने का अवसर है। सभी पदाधिकारी निष्ठा, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए काम करें।

 

उन्होंने कहा कि कंवर समाज के पदाधिकारियों का निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि पहले कंवर समाज अलग-अलग इकाइयों में बंटा हुआ था, लेकिन वरिष्ठजनों और समाज के पुरोधाओं के प्रयासों से सभी को एक सूत्र में जोड़ा गया। महाराष्ट्र से आए कंवर समाज के प्रतिनिधियों और सगा-बंधुओं का भी उन्होंने छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत किया।

 

## शिक्षा से खुलते हैं आगे बढ़ने के नए रास्ते

 

मुख्यमंत्री ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं है। एक सफल उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी अच्छी शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है और समाज को प्रगति की दिशा देती है।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समाज के सक्षम और प्रबुद्ध लोगों को भी जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना चाहिए और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

 

## मोदी की गारंटी के तहत योजनाओं को मिली गति

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया है। सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 19 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरण पादुका योजना फिर शुरू की गई है और तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। प्रदेश के लगभग भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों की तीर्थयात्रा की इच्छा पूरी की जा रही है। वहीं श्री रामलला दर्शन योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

 

## जनजातीय समाज के विकास पर सरकार का फोकस

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रपति के रूप में होना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा देने के लिए अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया था। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का श्रेय भी अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,661 गांवों को शामिल किया गया है।

 

विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार पीएम जनमन के तहत देशभर में बन रही लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों में से 2 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कर रही हैं।

 

## नक्सलवाद से मुक्त होते बस्तर में विकास की नई रफ्तार

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का एक बड़ा भू-भाग चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की त्रासदी के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के साहस से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

 

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी विकास कार्य चुनौतीपूर्ण थे, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

 

बस्तर में चलाए गए व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति और विश्वास के नए वातावरण में बस्तर के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खुल रहे हैं।

 

## प्राकृतिक संसाधनों से विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

 

उन्होंने कहा कि कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कंवर समाज से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सेवा के साथ प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

 

## कंवर समाज के सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ रुपये से अधिक

 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की राशि देने की घोषणा की। इसमें रायपुर के लाभांडी में निर्माणाधीन कंवर भवन के विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना के लिए 70 लाख रुपये, राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपये, कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपये, ग्राम खैरझिटी में आदिवासी कंवर पैंकरा समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपये शामिल हैं।

 

इसके अलावा महासमुंद जिले के पथरी परिक्षेत्र के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपये, ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपये और गरियाबंद जिले के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

 

## ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के निर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया। उनके साथ समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया गया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज छत्तीसगढ़ की जनजातीय समाज व्यवस्था का महत्वपूर्ण घटक है। शिक्षा समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है। कोई भी बालक-बालिका शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समाज को सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि कंवर समाज सहित प्रदेश की 42 जनजातियों का छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

 

कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन कंवर भवन भविष्य में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

 

इस अवसर पर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, महासचिव शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष सविता साय, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर, आर.के. साय, भीम सिंह कंवर सहित कंवर समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

 

 

 

 

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Source: Ekhabri

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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