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MP : CM डॉ. मोहन यादव ने केंद्र के सामने रखा निवेश का विजन, BHAVYA योजना में 9,047 एकड़ क्षेत्र के 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव, 8,144 करोड़ से अधिक की DPR लागत

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MP : CM डॉ. मोहन यादव ने केंद्र के सामने रखा निवेश का विजन, BHAVYA योजना में 9,047 एकड़ क्षेत्र के 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव, 8,144 करोड़ से अधिक की DPR लागत

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36038-tn5-bhopal170826074354 MP : CM डॉ. मोहन यादव ने केंद्र के सामने रखा निवेश का विजन, BHAVYA योजना में 9,047 एकड़ क्षेत्र के 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव, 8,144 करोड़ से अधिक की DPR लागत

नई दिल्ली। नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास योजनाओं और निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश के अवसर, औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राज्य सरकार का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं।

निवेश के लिए तैयार हो रहा मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। निवेश-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के जरिए निवेशकों को जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने पर जोर है। सरकार का लक्ष्य औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के साथ नए रोजगार के अवसर पैदा करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

बैठक में मध्य प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं और विकास योजनाओं के जरिए राज्य की निवेश क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

BHAVYA योजना के तहत 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव

भारत सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत मध्य प्रदेश ने फेज-I, राउंड-I में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव पेश किए हैं। इन परियोजनाओं के लिए कुल 9,047.08 एकड़ क्षेत्र चिन्हित किया गया है, जबकि इनकी कुल DPR लागत करीब ₹8,144.35 करोड़ है।

राज्य सरकार इन पार्कों को आधुनिक सुविधाओं से लैस निवेश-तैयार और प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित करने की योजना बना रही है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में नए उद्योगों के आने और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विकसित होंगे औद्योगिक पार्क

प्रस्तावित 11 औद्योगिक पार्कों को राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में संतुलित तरीके से विकसित करने की योजना है। इनमें अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर (उज्जैन), भेंसोला (धार), पिपलरावां-पालीकालन (देवास-शाजापुर), आईआर रतलाम-पलसोड़ी, आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर (सीहोर), मसवासी ग्रांट (सागर), चैनपुरा (गुना), मोहना (ग्वालियर), धरमपुरा (जबलपुर), सिमरा (कटनी) और शिवसागर (रीवा) शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के जरिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने की कोशिश की जा रही है।

टेक्सटाइल से लेकर सेमीकंडक्टर तक कई सेक्टर पर फोकस

धार के भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसे धार में स्थापित PM MITRA पार्क के विस्तार के रूप में विकसित करते हुए वस्त्र क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन को जोड़ने की योजना है।

इसके अलावा प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, सेमीकंडक्टर, IT और ITeS जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य है। सरकार को उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में निवेश आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाओं पर जोर

औद्योगिक विकास के साथ कार्यस्थल को समावेशी और सुरक्षित बनाने पर भी राज्य सरकार का फोकस है। औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों के लिए डे-केयर सेंटर, CCTV आधारित सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंटीन और हॉस्टल जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।सरकार का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

औद्योगिक कॉरिडोर से निवेश को मिलेगी गति

मध्य प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर और विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित औद्योगिक नोड्स को राज्य के भविष्य के औद्योगिक विस्तार का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से चल रही परियोजनाओं के जरिए निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारने की कोशिश की जा रही है।

केंद्र के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी

एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री और अथॉरिटी की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान NICDIT से जुड़े अधिकारियों ने औद्योगिक कॉरिडोर और परियोजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। मध्य प्रदेश की ओर से रखे गए प्रस्तावों ने राज्य में औद्योगिक विस्तार, निवेश और रोजगार को लेकर सरकार की दीर्घकालिक रणनीति को रेखांकित किया।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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