बिलासपुर, OTP शेयर कर के बन गिन करोड़ों के कर्जदार, दो सरकारी कर्मचारी मन के नाव म 1.41 करोड़ के लोन
OTP Fraud Bilaspur : बिलासपुर म पर्सनल लोन के नाव म धोखाधड़ी के दो ठन मामला हाईकोर्ट पहुच गे हे। आरोप हे कि लोन देवाइया एजेंट मन दो सरकारी कर्मचारी मन के कागजात अउ OTP के गलत फायदा उठाइन। ओकर बाद ओमन के बिना मर्जी के कई ठन बैंक अउ फाइनेंस कंपनी मन ले भारी-भरकम लोन निकाल ले गिन।
दोनो कर्मचारी मन के कहना हे कि ओमन ह सिर्फ छोटे-मोटे पर्सनल लोन बर कागजात दे रिहिन। बाद म ओमन के नाव म कुल 1 करोड़ 41 लाख 51 हजार 680 रुपिया के लोन आघू आईस। मामला सामने आए के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ह संबंधित पक्ष मन ले जवाब मांगे हे। फिलहाल याचिकाकर्ता मन के खिलाफ कउनो दंडात्मक कार्रवाई नई करे के निर्देश घलोक दिए गिन हे।
स्टाफ नर्स ह मांगे रिहिस 5.40 लाख के लोन पहिला मामला बिलासपुर के सिम्स (CIMS) म पदस्थ स्टाफ नर्स वर्षा बेक ले जुड़ा हे। ओमन अधिवक्ता अनिरुद्ध सिंह के माध्यम ले हाईकोर्ट म याचिका लगाए हें। याचिका के मुताबिक अप्रैल 2023 म एक डायरेक्ट सेलिंग एजेंट ह ओकर ले संपर्क करे रिहिस। एजेंट ह पर्सनल लोन देवाए के बात कहिस। वर्षा ह आदित्य बिड़ला कैपिटल ले 5.40 लाख रुपिया के लोन ले बर राजी होगे रिहिस।
लोन प्रक्रिया बर ओकर ले आधार कार्ड अउ पैन कार्ड मांगे गिस। सैलरी स्लिप अउ दूसर जरूरी कागजात घलोक लिए गिन। कागजात मन ल व्हाट्सएप के माध्यम ले भेजे गिस। प्रक्रिया के दौरान OTP घलोक एजेंट ल बताए गिस। आरोप हे कि ओकर बाद अलग-अलग बैंक अउ वित्तीय संस्थान मन ले ओकर नाव म कई ठन लोन पास होगे। एमन के कुल रकम करीब 46.20 लाख रुपिया बताए गे हे।
EMI भरे के भरोसा देके रकम ट्रांसफर कराए के आरोप याचिका म दावा करे गे हे कि जब वर्षा ह अऊ लोन निकाले म आपत्ति जताईस, त एजेंट ह समझौता करे के रस्ता बताईस। आरोप हे कि ओकर ले लोन के करीब आधा रकम ल दूसर खाता म ट्रांसफर कराए गिस। एजेंस ह भरोसा दिहाइस कि आघू के EMI ओहा खुद जमा करही। कुछु दिन तक किश्त जमा घलोक होईस, फेर बाद म EMI भरे बर बंद कर देगिस। ओकर बाद लोन के वसूली शुरू होगे। याचिकाकर्ता के आरोप हे कि रिकवरी एजेंट मन ओला अउ ओकर परिवार ल परेशान करे लगिन। एही विवाद के बाद मामला हाईकोर्ट पहुचिस।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ल कोर्ट ह बुलाइब मामला के सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच म होईस। कोर्ट ह बैंक ऑफ बड़ौदा के अंबिकापुर शाखा के मैनेजर ल व्यक्तिगत रूप ले पेश होए के निर्देश दिए हे। मैनेजर ल 1 सितंबर 2026 ल कोर्ट म उपस्थित होना हे। ओकर ले पूछे जाही कि लोन पास करे ले पहिले जरूरी जांच-पड़ताल कइसे करे गिस। कोर्ट खास तौर ले सिबिल (CIBIL) स्कोर अउ लोन चुकाए के क्षमता के जांच ले जुड़ी जानकारी चाहत हे। मामला के अगली सुनवाई करीब दो हफ्ता बाद रखे गे हे।
कॉलेज कर्मचारी के नाव म 95.31 लाख के लोन के आरोप दूसर मामला बिलासपुर के आयुर्वेदिक कॉलेज म पदस्थ हरि लाल पोया के हे। ओमन घलोक हाईकोर्ट म याचिका दायर करे हें। ओमन के कहना हे कि सितंबर 2023 म एक डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के फोन आए रिहिस। एजेंट ह ओमन ल पांच लाख रुपिया के पर्सनल लोन देवाए के बात कहे रिहिस। पोया ह चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी ले पांच लाख रुपिया के लोन ले बर सहमति दे रिहिन। एखर बर ओमन जरूरी कागजात अउ OTP शेयर करे रिहिन।
आरोप हे कि बाद म ओकर मर्जी के बिना छह अलग-अलग वित्तीय संस्थान मन ले लोन पास करा दे गिस। कुल लोन राशि 95 लाख 31 हजार 680 रुपिया बताए गे हे। ए कंपनी मन म चोलामंडलम, आदित्य बिड़ला कैपिटल, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक अउ फिनबल टेक्नोलॉजीज शामिल हें।
दोनो मामला म कुल 1.41 करोड़ के दावा दोनो याचिका मन ल मिलाके 1 करोड़ 41 लाख 51 हजार 680 रुपिया के धोखाधड़ी के मामला बनत हे। दोनो कर्मचारी मन के आरोप हे कि लोन बर दिए कागजात अउ OTP के गलत इस्तेमाल करे गिस। बाद म EMI रुके म वसूली के दबाव ओमन ऊपर आबे ल लगिस। अब हाईकोर्ट ए जांच करत हे कि एतका बड़े रकम के कई ठन लोन कउन आधार म पास होईस। संग म ए घलोक देखे जाही कि बैंक अउ फाइनेंस कंपनी मन ह ग्राहक मन के मर्जी अउ लोन चुकाए के क्षमता के जांच कइसे करे रिहिन।



