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Chhattisgarh High Court: दूसरी शादी के बाद पूर्व पति से गुजारा भत्ता पाने का अधिकार नहीं: हाई कोर्ट

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Chhattisgarh High Court: दूसरी शादी के बाद पूर्व पति से गुजारा भत्ता पाने का अधिकार नहीं: हाई कोर्ट

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35987-no-right-to-claim-maintenance-from-ex-husband-after-remarriage-chhattisgarh-high-court Chhattisgarh High Court: दूसरी शादी के बाद पूर्व पति से गुजारा भत्ता पाने का अधिकार नहीं: हाई कोर्ट

Chhattisgarh High Court: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि यह साबित हो जाए कि पत्नी ने दूसरी शादी कर ली है, तो पूर्व पति से गुजारा भत्ता लेने का उसका अधिकार समाप्त हो जाता है।

कोर्ट ने बलौदाबाजार फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें दूसरी शादी के आधार पर पत्नी का भरण-पोषण बंद कर दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने रानू चौहान और उनके बेटे की ओर से दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।

क्या है मामला

रानू चौहान ने 31 अक्टूबर 2004 को तेज बहादुर चौहान से विवाह किया था। दोनों का एक बेटा है। पत्नी के अनुसार विवाह के बाद पति ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया तथा बाद में उसे बच्चे सहित घर से निकाल दिया।

फैमिली कोर्ट ने वर्ष 2007 में पत्नी और बेटे के लिए प्रतिमाह 600-600 रुपये भरण-पोषण निर्धारित किया था। बाद में पत्नी ने राशि बढ़ाने की मांग की। हाई कोर्ट ने 2021 में राशि संशोधित करते हुए पत्नी के लिए 4,000 रुपये और बेटे के लिए 3,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किए थे।

बाद में पति ने आरोप लगाया कि पत्नी ने 2009 में हरीश केशरवानी नामक व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली है। उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद फैमिली कोर्ट ने दूसरी शादी को प्रमाणित माना और पत्नी का भरण-पोषण बंद कर दिया।

पत्नी की ओर से तर्क दिया गया कि कुछ दस्तावेजों के आधार पर दूसरी शादी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। हालांकि हाई कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैमिली कोर्ट के निष्कर्ष में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी साबित होने के बाद पूर्व पति से भरण-पोषण की मांग का अधिकार कायम नहीं रहता। इसके साथ ही पत्नी की ओर से भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग भी खारिज कर दी गई।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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