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सरकारी स्कूल मन के बदहाली खिलाफ Gen-Alpha लइका मन खोलिन मोर्चा, मास्टर अउ सुविधा बर तालाबंदी-प्रदर्शन

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सरकारी स्कूल मन के बदहाली खिलाफ Gen-Alpha लइका मन खोलिन मोर्चा, मास्टर अउ सुविधा बर तालाबंदी-प्रदर्शन

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल मन मा मास्टर मन के कमी, टूटहा-फूटहा भवन, लेट्रिन-बाथरूम अउ पिये के पानी जइसे भारी समस्या मन ला लेके अब सिर्फ सियान अउ दाई-दादा मनच नी, बल्कि लइका मन घलो खुलेआम आवाज उठाए बर धर ले हवयं। पिछले डेढ़ महीना मा प्रदेश के अलग-अलग जिला मन ले तालाबंदी, घेराव, तिरंगा मार्च अउ धरना-प्रदर्शन के खबर आवत हे, जेकर ले सरकारी स्कूल के व्यवस्था उपर बड़का सवाल खड़े होगे हे। रायगढ़, महासमुंद, बालोद, धमतरी अउ कोंडागांव जइसे कतो जिला मा लइका मन अपन हक बर सड़क मा उतरिन।

तालाबंदी अउ घेराव ले लइका मन उठाइन आवाज स्कूल मन मा मास्टर मन के कमी अउ मूलभूत सुविधा के अभाव ला लेके लइका मन के गुस्सा अब स्कूल के boundary के भीतर सीमित नइ हे। कतको जगा लइका मन स्कूल के दुआर मा ताला जड़ दीन, त कतको जगा प्रशासनिक दफ्तर मन के घेराव करिन। सोशल मीडिया अउ इंटरनेट के वजह ले आज के नवा पीढ़ी (Gen-Alpha) मा अपन हक के बात रखे बर जबरदस्त भरोसा अउ जागरुकता आए हे।

तीन साल ले जर्जर हे स्कूल, पंचायत भवन मा चलत हे कक्षा धमधा के ग्राम खैरझिटी के प्राथमिक स्कूल ह पिछले तीन साल ले एकदम टूटहा-फूटहा हालत मा हे। स्कूल के हालत खराब होए के वजह ले लइका मन ला पंचायत भवन मा बैठा के पढ़ाए जावत हे। 15 अगस्त के दिन लइका मन बीईओ दफ्तर तक तिरंगा मार्च निकालिन। लइका मन साफ कहिन कि अगर समस्या के हल नइ होई, त ओमन रुख के छांव मा बैठ के पढ़ाई करिहें।

दु मास्टर मन के तबादला ले 150 लइका मन के पढ़ाई प्रभावित शासकीय विद्यालय जगहारी मा दु मास्टर मन के तबादला होए ले करीब 150 लइका मन के पढ़ाई ऊपर संकट मंडरा गे हे। गणित, विज्ञान अउ अर्थशास्त्र जइसे विषय के पढ़ाई बंद होए ले गुस्साए लइका मन ह स्कूल के मुख्य दुआर मा ताला लगा दीन अउ तुरंत स्थायी मास्टर मन के मांग करिन।

1800 ले ज्यादा स्कूल सिरिफ एक मास्टर के भरोसा पूरा प्रदेश मा 1800 ले घलो ज्यादा अइसन सरकारी स्कूल हवयं, जिहां पढ़ाई के पूरा जिम्मेदारी सिरिफ एकठन मास्टर के भरोसा मा चलत हे। मास्टर मन के कमी के सीधा असर लइका मन के पढ़ाई अउ शिक्षा के गुणवत्ता मा परत हे।

शौचालय अउ पिये के पानी के घलो भारी संकट सरकारी स्कूल मन मा मास्टर मन के कमी के संग-संग बुनियादी सुविधा के घलो रोना हे। सरकारी आंकड़ा के मुताबिक 5500 ले ज्यादा स्कूल मा नोनी मन बर अउ 7260 ले ज्यादा स्कूल मा बाबू मन बर लेट्रिन-बाथरूम के व्यवस्था नइ हे। गंदा अउ टूटहा शौचालय के वजह ले लइका मन मा बीमारी फैले के डर बने रहिथे।

नोनी मन के दाखिला (नामांकन) मा आई कमी सरकारी प्राथमिक स्कूल मन मा नोनी मन के दाखिला मा कमी देखे बर मिले हे। साल 2014-15 मा नोनी मन के नामांकन 106.61 प्रतिशत रिहिस, जेहा 2024-25 मा घट के 89.9 प्रतिशत मा आ गे हे। ए आंकड़ा बतावत हे कि स्कूल मन मा नोनी मन बर बढ़िया अउ सुरक्षित माहौल देना अतेक जरूरी हे।

सुप्रीम कोर्ट अउ हाईकोर्ट घलो जता चुके हवयं चिंता सरकारी स्कूल के बदहाली ला लेके सुप्रीम कोर्ट अउ हाईकोर्ट घलो कतो मामला मा कड़ा रुख अपना चुके हवयं अउ जिम्मेदार मन ऊपर जुर्माना घलो लगाए हवयं। अइसन मा लइका मन के विरोध प्रदर्शन ह शिक्षा व्यवस्था के असली अउ जमीनी सच्चाई ला आगू लावत हे।

अधिकार ला लेके जागरूक होगे हवयं लइका मन विशेषज्ञ अउ मनोवैज्ञानिक मन के कहना हे कि लइका मन के ए विरोध ला सिरिफ बदमाशी या अनुशासनहीनता नइ समझे बर चाही। आज के समय मा मोबाइल अउ इंटरनेट के वजह ले लइका मन ला अपन अधिकार के पूरा ज्ञान हे। ओमन ला दबाए के बजाय ओकर मन के बात ला समझना अउ समस्या के समाधान करना बेहद जरूरी हे।

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OneCG एक्सक्लूसिव संपादकीय रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
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