छत्तीसगढ़ चुनाव विवाद: 2018 के राज्यसभा चुनाव मामला मा बैंक खाता के जानकारी ला लेके हाईकोर्ट ह सरोज पांडेय ला जारी करिस नोटिस
Saroj Pandey : रायपुर। छत्तीसगढ़ के साल 2018 के राज्यसभा चुनाव ले जुड़ा पुराना विवाद एक घांव फेर हाईकोर्ट मा चर्चा मा आ गए हे। कांग्रेस नेता अउ ओ बखत के राज्यसभा प्रत्याशी लेखराम साहू ह भाजपा के उम्मीदवार सरोज पांडेय के कथित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाता के पूरा जानकारी अदालत के आगू पेश कराये के मांग करे हे। ए आवेदन मा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ह सरोज पांडेय ला नोटिस जारी करत हुए दो हफ्ता के भीतर जवाब दाखिल करे के निरदेस दे हे।
मामला के सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के सिंगल बेंच मा होईस। सुनवाई के बेरा लेखराम साहू के कोती ले अदालत मा तर्क दे गिस कि साल 2018 के राज्यसभा चुनाव के बखत निर्वाचन आयोग के आगू दाखिल हलफनामा (शपथ पत्र) मा सरोज पांडेय ह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एकठन खाता के जानकारी कथित रूप ले नइ दे रिहिस।
याचिकाकर्ता के कहना हे कि चुनाव याचिका मा ए बैंक खाता ह बहुत जरूरी सबूत हो सकत हे, एही पाय के एखर ले जुड़े पूरा रिकॉर्ड ह अदालत के आगू आना जरूरी हे।
सरोज पांडेय के निर्वाचन ला दे गे रिहिस चुनौती
लेखराम साहू ह साल 2018 मा हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजा ला चुनौती देवत हुए हाईकोर्ट मा चुनाव याचिका दायर करे रिहिस। ओ चुनाव मा भाजपा के कोती ले सरोज पांडेय अउ कांग्रेस के कोती ले लेखराम साहू उम्मीदवार रिहिन। चुनाव के बाद साहू ह सरोज पांडेय के जीत ला चुनौती देवत हुए ओखर चुनावी हलफनामा मा कथित रूप ले दे गे अधूरा जानकारी ला घलोक आधार बनाये रिहिस। अब एही पुराना मामला मा बैंक खाता ले जुड़े रिकॉर्ड ला आगू लाये के कोसिस करे जावत हे।
बैंक अधिकारी ला गवाह बनाये के दे गे रिहिस आदेश
सुनवाई के बेरा याचिकाकर्ता के कोती ले बताये गिस कि पहिली यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर ला गवाह के रूप मा अदालत मा पेश करे के आदेश दे गे रिहिस। बैंक अधिकारी के माध्यम ले खाता ले जुड़े जानकारी अउ रिकॉर्ड ला अदालत के आगू रखे के कोसिस करे गिस, फेर अधिकारी के गवाही देवे ले मना करे के बाद याचिकाकर्ता ह बैंक खाता के जानकारी ला सीधा देवाय के मांग करे हे।
Bankers’ Books Evidence Act के धारा 6 के दिस हवाला
याचिकाकर्ता के कोती ले अदालत मा बैंक रिकॉर्ड ला सबूत के रूप मा पेश करे बर Bankers’ Books Evidence Act, 1891 के धारा 6 के घलोक हवाला दे गिस। ए कानून के तहत तय कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक बैंक के पुस्तक अउ खाता ले जुड़े रिकॉर्ड ला न्यायिक कारवाही मा सबूत के तौर मा पेश करे जा सकत हे। एही कानूनी प्रावधान के आधार मा अब कथित खाता के जानकारी ला अदालत के आगू लाये के मांग करे गे हे।
बैंक खाता के जानकारी देवे ले मना करे के घलोक मामला
मामला मा ए घलोक कहे गिस कि पार्टी स्तर मा बैंक खाता ले जुड़े जानकारी देवाय ले मना कर दे गे रिहिस। एखर बाद याचिकाकर्ता ह कानूनी प्रक्रिया के रद्दा ले रिकॉर्ड हासिल करे के रद्दा अपनाईस। याचिकाकर्ता के दावा हे कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले जानकारी मा घलोक संबंधित बैंक खाता के होए ले पूरी तरह मना नइ करे गे हे। ऐसे मा खाता ले जुड़े असल रिकॉर्ड के आगू आना चुनाव याचिका के सुनवाई मा अहम हो सकत हे।
सरोज पांडेय ह खुद गवाही देवे ले करे हे इंकार
दूसरी कोती, सरोज पांडेय के तरफ ले ए मामला मा पहिली ले साफ करे जा चुके हे कि ओ ह खुद गवाह के रूप मा अदालत मा पेश नइ होही अउ अपन कोती ले कोनो गवाह ला घलोक पेश नइ करे। सुनवाई मा ओखर वकील सुदीप श्रीवास्तव अउ सुदीप वर्मा ह अदालत के आगू एही पक्ष ला रखिन। ओमन के तर्क रिहिस कि जब सरोज पांडेय ह खुद गवाही देवे ले इंकार कर दे हे, त ओखर क्रॉस-एग्जामिनेशन के सवाल च नइ उठे।
दो हफ्ता मा जवाब दाखिल करे बर परही
अब हाईकोर्ट ह बैंक खाता ले जुड़े जानकारी के संबंध मा दायर आवेदन मा सरोज पांडेय ले जवाब मांगे हे। अदालत के निरदेस के मुताबिक ओला दो हफ्ता के भीतर अपन पक्ष रखे बर परही। एखर बाद अदालत ह तय करही कि कथित बैंक खाता ले जुड़े रिकॉर्ड ला कोन प्रक्रिया के तहत चुनाव याचिका के कारवाही मा सामिल करे जा सकत हे।
आठ साल पुराना चुनाव विवाद मा फेर बाढ़ीस हलचल
लगभग आठ साल पुराना ए मामला मा बैंक खाता के जानकारी ला लेके आगू आई नवा कानूनी कारवाही ह साल 2018 के राज्यसभा चुनाव विवाद ला फेर सुर्खी मा ला दे हे। हालांकि, बैंक खाता ला लेके लगाये गे आरोप के आखरी पुष्टि या ओखर कानूनी असर ह अदालत मा आगू होवे वाला सुनवाई अउ जमा करे जावे वाला कागज-पत्तर के आधार मा ही तय होही।



