भारत बनेगा iPhone 17 का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब, अमेरिका में बिकने वाले 78% आईफोन मेड इन इंडिया
एप्पल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने अपकमिंग मॉडल iPhone 17 की पूरी सीरीज़ भारत में ही बनाने की तैयारी कर ली है। यह जानकारी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सामने आई है। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब एप्पल अपने प्रीमियम और प्रो वर्ज़न जैसे हाई-एंड स्मार्टफोन्स को पूरी तरह भारत में तैयार करेगा। इस फैसले के साथ भारत न सिर्फ एप्पल के लिए एक प्रमुख प्रोडक्शन सेंटर बनेगा बल्कि आने वाले समय में ग्लोबल टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र भी बन सकता है।
एप्पल का यह कदम चीन पर निर्भरता को कम करने और अंतरराष्ट्रीय टैरिफ से बचने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी पहले ही अमेरिकी बाजार के लिए iPhone उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा चीन से हटाकर भारत शिफ्ट कर चुकी है। आज भारत में पाँच अलग-अलग कंपनियाँ iPhone बना रही हैं, जिनमें सबसे बड़ा योगदान टाटा ग्रुप का है। टाटा ग्रुप लगभग आधा प्रोडक्शन अकेले कर रहा है, जिससे भारत की औद्योगिक क्षमता और भी मजबूत हो रही है।
सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिका जैसे बड़े और लाभदायक बाजार में बिकने वाले 78% iPhone अब भारत में ही तैयार हो रहे हैं। मार्केट रिसर्च कंपनी कैनालिस के अनुसार, सिर्फ जनवरी से जून 2025 के बीच भारत में 23.9 मिलियन यानी करीब 2 करोड़ 39 लाख iPhone बनाए गए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है और यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक स्तर पर एप्पल के लिए कितना महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र बन गया है।
भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार सिर्फ एप्पल ही नहीं बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। इससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और भारत की छवि “मेड इन इंडिया” ब्रांडिंग के साथ और भी मज़बूत होगी।
कुल मिलाकर, iPhone 17 का भारत में बनना न केवल टेक्नोलॉजी की दुनिया के लिए ऐतिहासिक कदम है, बल्कि यह भारत को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगा। यह पहल दिखाती है कि आने वाले समय में भारत ग्लोबल स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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