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रायपुर के सुरक्षा ऊपर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के हमला

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रायपुर के सुरक्षा ऊपर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के हमला

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Brijmohan Agarwal Raipur Police : रायपुर, छत्तीसगढ़: रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल हा राजधानी के सुरक्षा अउ कानून-व्यवस्था ला लेके अपन ही सरकार के आगू बड़का सवाल खड़ा कर दे हवँय। गृहमंत्री विजय शर्मा ला लिखे चिट्ठी मा ओमन साफ-साफ कहे हवँय कि कमिश्नरेट सिस्टम के असली मकसद पूरा नइ होवत हे, काबर कि बड़े-बड़े अफ़सर मन के संख्या त बाढ़ गे हे, फेर मैदान मा सिपाही मन के भारी कमी हे। सांसद हा कमिश्नरेट के फिर से पुनर्गठन करे, 660 ले ज़्यादा खाली पद ला भरे, 500 अउ जवान मन के तैनाती अउ रायपुर के कतो आमा-पारा ला कमिश्नरेट मा मिलाए के बड़े माँग रखे हवँय।

कमिश्नरेट बन गे, फेर पुलिस बल नइ हे

बृजमोहन हा चिट्ठी मा लिखे हवँय कि रायपुर मा पुलिस कमिश्नरेट लागू करे के मकसद कानून-व्यवस्था ला तेज अउ सुघर बनाना रिहिस। फेर सच तो यहे हे कि बड़े अफ़सर मन त बाढ़ गेन, फेर आरक्षक, प्रधान आरक्षक, उपनिरीक्षक अउ छोटे कर्मचारी मन के आज घलोक भारी कमी हे। एही हाल देहात (ग्रामीण) पुलिस के घलोक हे, जिहाँ पुलिस बल के कमी के सेती काम-काज मा असर परत हे।

एयरपोर्ट हा अऊ घलोक देहाती पुलिस के भरोसे

सांसद हा सरकार के ध्यान ए कोती घलोक खिचिन कि राजधानी के कतो गऊँ-गाँव कस दिखे वाले शहरी इलाका मन आज घलोक ग्रामीण पुलिस के भरोसा चलत हवँय। महात्मा गांधी वार्ड, डूमरतराई, कचना, सत्यम नगर, राजधानी विहार, स्वर्णभूमि कॉलोनी अउ अमर सिंह बस्ती जइसे इलाका मन ला आज घलोक देहाती पुलिस देखत हे। सबले बड़का सवाल ओमन स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट ला लेके उठाए हवँय। ओमन के कहना हे कि वीवीआईपी अउ बड़े-बड़े नेता मन के आवे-जाए के मुख्य जगह होए के बाद घलोक एयरपोर्ट थाना माना के अधीन मा हे, जेकर ले पुलिस बल ला दु-दु ठन जगह खटाए बर परत हे।

660 पद खाली, कइसे मिलही सुरक्षा?

बृजमोहन हा आँकड़ा मन ला देखात हुए सरकार ला आईना देखाइन। ओमन के हिसाब ले संयुक्त रक्षित केंद्र मा 660 ले ज़्यादा पद खाली पड़े हवँय। एमा 522 आरक्षक, 43 प्रधान आरक्षक, 82 उपनिरीक्षक, 9 सहायक उपनिरीक्षक अउ 4 सूबेदार के पद सामिल हवँय। ओमन कहिन कि एतका बड़े कमी के रहत राजधानी मा बढ़िया पुलिसिंग के उम्मीद करना सही नइ हे।

500 जवान ला अभी भेव

सांसद हा माँग करे हवँय कि जब तक पक्का भर्ती नइ हो जात, तब तक दूसरा जिला ले 500 अउ पुलिसकर्मी मन ला तुरंत रायपुर भेजे जाए। ओमन के कहना हे कि एकर ले अपराध मा रोक, वीआईपी सुरक्षा अउ कानून-व्यवस्था ला संभाले मा राहत मिलही। संग मा खाली पद मन मा भर्ती के काम ला घलोक जल्दी पूरा करे जाए।

46 ट्रैफिक जवान अउ 25 लाख के आबादी

चिट्ठी मा बृजमोहन हा ट्रैफिक व्यवस्था ऊपर घलोक सवाल उठाइन। ओमन कहिन कि साल 2016 मा रायपुर के आबादी 15 लाख रिहिस, जेहा अब 25 लाख ले ज़्यादा हो गे हे। गाड़ी-घोड़ा के संख्या घलोक कतो गुना बाढ़ गे हे, फेर ट्रैफिक शाखा मा आज घलोक सिरीफ़ 46 पुलिसकर्मी तैनात हवँय। अइसन मा शहर के ट्रैफिक ला संभालना बड़का चुनौती बन गे हे।

न भवन हे, न गाड़ी

सांसद हा ए घलोक कहिन कि कमिश्नरेट बने के बाद अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 5 डीसीपी अउ 18 एसीपी के पद त मंज़ूर हो गे, फेर ओमन बर न त रहे-बैठे बर दफ़्तर (भवन) हे अउ न ही सरकारी गाड़ी। ओमन नवा भवन, गाड़ी अउ ज़रूरी सामान दे के माँग करे हवँय।

अब सरकार कोती हे गेंद

बृजमोहन अग्रवाल के यहि चिट्ठी सिरीफ़ एक सुझाव नइ हे, बल्कि राजधानी के पुलिस व्यवस्था ऊपर गंभीर सवाल मन के दस्तावेज़ माने जावत हे। ख़ास बात यहे हे कि ए सवाल विपक्ष हा नइ, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के सांसद हा उठाए हे। अब देखे के बात ए होही कि सरकार ए माँग मन ऊपर कतका जल्दी फ़ैसला लेथे या फिर राजधानी के सुरक्षा के मुद्दा घलोक फाइल मन मा दबा के रह जाथे।

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OneCG एक्सक्लूसिव रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
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