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बांगो का जल स्तर में लगातार बढ़त, अगस्त में हो सकता है लबालब

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बांगो का जल स्तर में लगातार बढ़त, अगस्त में हो सकता है लबालब

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कोरबा: छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है.इसका असर अब बांध में भी देखने को मिल रहा है, मानसून माह के 43 दिन बाद बांगो का जल स्तर में 12.10 मीटर की वृद्धि हुई है। अब तक बांध 84.44 प्रतिशत भर चुका है। पूर्ण भराव 2.66 मीटर की दूरी रह गई है। मानसून की सक्रियता से इस बार खेतों मे लिए पानी छोड़ने की नौबत नहीं आई है। बांगो के ऊपरी क्षेत्र कोरिया जिले में हो रही बेहतर वर्षा से बांध में प्रतिदिन आठ सेंटीमीटर पानी भर रहा हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगस्त के दूसरे पखवाड़े में बांध पूरी तरह भर जाएगा

 

अनुकूल वर्षा से इस बार बांगो में तेजी से भराव देखा जा रहा है। ग्रीष्म में सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ने से 25 प्रतिशत पानी ही शेष था। इस वजह से अभी पूर्ण भराव में समय लग रहा है। बांध की क्षमता है 359.66 मीटर है। वर्तमान में यहां 357.0 मीटर पानी भरा है। 15 जून से अब तक जिले में औसतन 563.3 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। मानसून का साथ मिलने से बांध में लगातार पानी का भराव हो रहा है।

 

बांगों बांध के पानी से 24 छोटे-बड़े औद्योगिक संयंत्र के अलावा रायगढ़, जांजगीर तीन लाख 62 हजार हेक्टेयर कृषि भमि में को जलापूर्ति होती है। पानी का उपयोग सिंचाई और उद्योग के अलावा निस्तारी के लिए भी होता। दर्री बांध से अकेले शहरी क्षेत्र दो बड़े जल आवर्धन योजनाओं से शहर के नौ लाख आबादी को जल आपूर्ति होती है। बेहतर वर्षा से इस बार पूर्ण भराव की संभावना है। इस वर्ष इसके आश्रित जिलों में ग्रीष्म धान रकबा 36 हजार हेक्टेयर से बढ़ 48 हजार हेक्टेयर हो गया था।

 

सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ने की वजह से जल स्तर 343.06 हो गया था। जल खपत होने के पीछे रबी के अलावा खरीफ धान फसल के रकबा में वृद्धि होना भी शामिल है। दीगर फसल की तुलना में धान उपज में सर्वाधिक पानी की खपत होती है।

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Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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