बीएसपी के ‘निगरानी’ ऊपर निगरानी
BHILAI STEEL PLANT : भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के सीसीटीवी कैमरा मन के खरीदी अउ रखरखाव ले जुड़े काम-काज मा कथित गड़बड़ी के शिकायत के बाद विजिलेंस ह जांच सुरू कर देहे। शिकायत मा कागजात घलो संग मा लगाए गेहे। सूत्र मन के मुताबिक सुरुआती तौर मा टेलीकॉम बिभाग के तीन अउसर मन ले पूछताछ करे गेहे। जांच सुरू होए के बाद बिभाग मा हलचल तेज हो गेहे। ओन्हे एक कर्मचारी ला दूसर बिभाग भेजे अउ बिभागीय पुनर्गठन के कोसिस ला घलो एही घटना ले जोड़ के देखे जात हे।
बीएसपी ह सीसीटीवी सिस्टम के रखरखाव के काम ला तीन बछर बर कम्प्यूटर नेटवर्क सर्विस एजेंसी ला सौंप के रखे हे। संयंत्र मा लगे कैमरा मन के कीमत ओकर मॉडल के हिसाब ले करीब 40 हजार रुपिया ले लेके एक लाख रुपिया तक बताए जात हे।
आरोप के घेरा मा मेंटनेंस व्यवस्था
शिकायत मा आरोप लगाए गेहे कि कैमरा मन के रखरखाव के तरीका मा भारी गड़बड़ी होए हे। आरोप हे कि कुछ मामला मा खराब कैमरा लगाए के बाद शिकायत मिले मा ओला बदले के नाम मा दूसर कैमरा लगा देय जात रिहिस। शिकायत करेइया के दावा हे कि ए पूरा तरीका ले नवा कैमरा मन के खरीदी अउ बदलाव के बीच गड़बड़ी के आसंका बने रिहिस। ए आरोप मन ले जुड़े कागजात विजिलेंस ला सौंपे गेहे, जेकर आधार मा जांच ला आगू बढ़ाए जात हे।
लेन-देन के घलो जांच के तैयारी
सूत्र मन के मुताबिक शिकायत मा ए आरोप घलो लगाए गेहे कि एजेंसी ले कथित लेन-देन बर बिभाग के एक कर्मचारी के इस्तेमाल करे जात रिहिस। विजिलेंस अब ओ अधिकारी अउ कर्मचारी के रुपिया-पइसा के लेन-देन के घलो जांच कर सकत हे। हालांकि एखर कोनो आधिकारिक पुष्टि नइ होए हे।
टेलीकॉम बिभाग मा फेरबदल के चरचा
जांच के बीच मा ए चरचा घलो हे कि टेलीकॉम बिभाग ला इनकॉस के संग मा जोड़े जा सकत हे। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बिभाग ला इनकॉस के महाप्रबंधक के अधीन लाए जाही। एही बीच बिभाग के एक कर्मचारी के दूसर बिभाग मा तबादला घलो कर दे गेहे। हालांकि बीएसपी प्रबंधन ह दुनों घटना ला आधिकारिक रूप ले एक-दूसर ले नइ जोड़े हे।
650 ले जादा कैमरा मा टिके हे सुरक्षा व्यवस्था
बीएसपी परिसर के सुरक्षा व्यवस्था बर संयंत्र मा 650 ले जादा सीसीटीवी कैमरा लगे हे, जेकर निगरानी 24 घंटा सीआईएसएफ करथे। अइसन मा कैमरा मन के रखरखाव ले जुड़े शिकायत ला सुरक्षा के नजरिया ले घलो अकठान अहम माने जात हे।
बीएसपी के पक्ष: भिलाई स्टील प्लांट के जनसंपर्क बिभाग ह कहिस कि मामला संवेदनसील हे। ए संबंध मा पूरा जानकारी उपलब्ध नइ कराए जा सके।



