होम National सुप्रीम कोर्ट में छात्र प्रदर्शनों की जांच समिति पर सवाल, CJI बोले- पैनल के लिए चुने गए हैं सबसे बेहतरीन लोग, जानें कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा
National

सुप्रीम कोर्ट में छात्र प्रदर्शनों की जांच समिति पर सवाल, CJI बोले- पैनल के लिए चुने गए हैं सबसे बेहतरीन लोग, जानें कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा

WhatsApp Facebook
सुप्रीम कोर्ट में छात्र प्रदर्शनों की जांच समिति पर सवाल, CJI बोले- पैनल के लिए चुने गए हैं सबसे बेहतरीन लोग, जानें कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

36797-supreme-court-rejects-plea-challenging-probe-panel-on-student-protests-police-actionhigh-powered-committee-investigating सुप्रीम कोर्ट में छात्र प्रदर्शनों की जांच समिति पर सवाल, CJI बोले- पैनल के लिए चुने गए हैं सबसे बेहतरीन लोग, जानें कॉकरोच जनता पार्टी ने क्या कहा

Supreme Court Student Protests Probe Panel: नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों और प्रदर्शनकारियों की हिंसा की जांच के लिए बनाई गई उच्च-स्तरीय समिति (HPEC) के गठन पर सवाल खड़े किए गए। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से दाखिल इस अर्ज़ी पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची व वी. मोहना की बेंच के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मांग रखी गई।

सॉलिसिटर जनरल ने किया विरोध

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अर्ज़ी का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता समिति के पुनर्गठन की मांग कर रहे हैं और इसके लिए अपनी पसंद के कुछ नाम सुझा रहे हैं। एसजी मेहता ने बेंच से कहा, यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, यहां कुछ और ही चल रहा है।

इस बीच, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन और एडवोकेट प्रशांत भूषण ने स्पष्ट किया कि वे केवल अर्ज़ी को मुख्य मामले के साथ लिस्ट करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि याचिकाकर्ताओं को समिति के कामकाज को लेकर कुछ शंकाएं थीं।

जो भी काम करेगा, वह हमारी देखरेख में करेगा: CJI

याचिकाकर्ताओं की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने भरोसा दिलाया कि कोर्ट ने पैनल के लिए सबसे अच्छे उपलब्ध लोगों का चयन किया है। CJI ने कहा, जो भी काम करेगा, वह हमारी देखरेख में करेगा। हमने मामले का निपटारा नहीं किया है। आप सभी समिति की मदद के लिए हैं, उन्हें काम करने दें और स्थिति देखें। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस अर्ज़ी को मुख्य मामले के साथ ही सूचीबद्ध किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों में (NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की अनियमितताओं व प्रश्न-पत्र लीक के खिलाफ) हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसा की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी (HPEC) का गठन किया था।

इस पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं। इसमें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व DGP एलआर बिश्नोई शामिल हैं।

पैनल पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग, प्रदर्शनकारियों की हिंसा, महिला प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न और घायलों को अंतरिम मुआवजा देने जैसे मामलों की प्राथमिकता से जांच करेगा। साथ ही अदालत ने प्रदर्शनों के सभी CCTV फुटेज और बॉडी-कैमरा रिकॉर्डिंग कमेटी को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस समिति के गठन से दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर कोई रोक नहीं लगेगी।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)