होम › National › वंदे मातरम पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने: BJP बोली- सोनिया-राहुल असहज दिखे; कांग्रेस ने कहा- खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं सोनिया
National

वंदे मातरम पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने: BJP बोली- सोनिया-राहुल असहज दिखे; कांग्रेस ने कहा- खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं सोनिया

WhatsApp Facebook
वंदे मातरम पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने: BJP बोली- सोनिया-राहुल असहज दिखे; कांग्रेस ने कहा- खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं सोनिया

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

35805-bjp-congress वंदे मातरम पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने: BJP बोली- सोनिया-राहुल असहज दिखे; कांग्रेस ने कहा- खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं सोनिया

नई दिल्ली। 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम के गायन और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में इसे राष्ट्रगान से पहले गाए जाने के बीच कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए। भाजपा ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी असहज नजर आए। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

BJP ने वीडियो शेयर कर लगाए आरोप

भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। भाजपा ने पोस्ट में लिखा, ‘सोनिया गांधी को वंदे मातरम की कुछ शुरुआती पंक्तियों के बाद ही इसे लेकर असहजता होने लगी। उन्होंने गीत रोकने का संकेत दिया। राहुल गांधी भी पूरे गायन के दौरान और राष्ट्रगीत समाप्त होने के बाद तक परेशान दिखे। यही कांग्रेस की पुरानी दुविधा है। गांधी परिवार को भारत की सांस्कृतिक चेतना, सभ्यतागत विरासत और राष्ट्रभाव के साथ आखिर इतनी असहजता क्यों है?’

भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस पर आज जो दृश्य सामने आया है, वह बेहद शर्मनाक है। भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति के दौरान सोनिया गांधी की आपत्ति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से यह पूछना कि इसे क्यों बजाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को उजागर करता है।’

कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘आज इंदिरा भवन में पूरा संस्करण गाया गया। इसे लेकर किसी तरह के विवाद का सवाल ही नहीं है।’ सोनिया गांधी के वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम पर उन्होंने कहा, ‘चूंकि कांग्रेस अध्यक्ष लंबे समय से खड़ी थीं, सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी मांग रही थीं।’

वंदे मातरम का ऐतिहासिक जुड़ाव

जयराम रमेश ने कहा, ’28 अक्टूबर 1937 को कलकत्ता में कांग्रेस कार्यसमिति की एक बैठक हुई थी। इसमें गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर उन्होंने फैसला किया कि कांग्रेस के अधिवेशनों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती छंद गाए जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि पार्टी तब से इन पंक्तियों को अपने कार्यक्रमों में गाती रही है।

Source: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)