होम › Chhattisgarh › राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया ने बताया आसान रजिस्ट्री का अनुभव
Chhattisgarh

राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया ने बताया आसान रजिस्ट्री का अनुभव

WhatsApp Facebook
राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया ने बताया आसान रजिस्ट्री का अनुभव

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों का असर अब नागरिकों को सीधे दिखाई देने लगा है। राजनांदगांव की नम्रता खंडेलवाल और प्रिया खंडेलवाल ने संपत्ति पंजीयन के दौरान न केवल करीब 30 हजार रुपये की बचत की, बल्कि उनकी रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया महज 30 मिनट में पूरी हो गई। दोनों महिलाओं ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अपने अनुभव साझा किए।

 

राज्य में पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन व्यवस्था में तकनीक आधारित सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

 

इन सुधारों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में रियायत, 0.6 प्रतिशत उपकर की समाप्ति, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल भुगतान और आधार आधारित पहचान सत्यापन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन बदलावों से जहां पंजीयन प्रक्रिया आसान हुई है, वहीं नागरिकों के समय और धन की भी बचत हो रही है।

 

महिलाओं को रजिस्ट्री में मिली 30 हजार रुपये की बचत

 

नम्रता खंडेलवाल और प्रिया खंडेलवाल ने बताया कि महिला क्रेता होने के कारण उन्हें संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत का लाभ मिला। महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है।

 

इसके अलावा राज्य शासन द्वारा 0.6 प्रतिशत उपकर समाप्त किए जाने का भी लाभ दोनों महिलाओं को मिला। इन दोनों प्रावधानों के कारण संपत्ति पंजीयन पर होने वाला कुल खर्च कम हुआ और करीब 30 हजार रुपये की आर्थिक बचत हुई।

 

दोनों महिलाओं ने बताया कि शुल्क में कमी के कारण अपने नाम पर संपत्ति का पंजीयन कराना पहले की तुलना में अधिक किफायती हो गया है।

 

महज 30 मिनट में पूरी हुई रजिस्ट्री

 

प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन प्रक्रिया के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उप-पंजीयक कार्यालय में उनकी रजिस्ट्री और उससे संबंधित पूरी प्रक्रिया करीब 30 मिनट में पूरी हो गई।

 

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल भुगतान और तकनीक आधारित अन्य सुविधाओं के कारण पंजीयन प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। कम समय में काम पूरा होने से कार्यालय में लंबे इंतजार और अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिली।

 

डिजिटल सुविधाओं से आसान हुआ संपत्ति पंजीयन

 

पंजीयन विभाग द्वारा डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाया जा रहा है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार पंजीयन के लिए समय निर्धारित कर सकते हैं।

 

डिजिटल भुगतान की सुविधा से पंजीयन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है। वहीं आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल दस्तावेज जैसी व्यवस्थाओं से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है।

 

ऑटोम्यूटेशन से नामांतरण की प्रक्रिया भी आसान

 

पंजीयन व्यवस्था में ऑटोम्यूटेशन की सुविधा भी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके तहत संपत्ति की रजिस्ट्री होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है।

 

इस व्यवस्था से नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो रही है। इससे समय की बचत के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है।

 

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा

 

महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत का उद्देश्य उनके नाम पर संपत्ति खरीदने और उसका विधिवत पंजीयन कराने को प्रोत्साहित करना भी है। संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ने से उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल सकती है।

 

राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया को मिली करीब 30 हजार रुपये की बचत इस व्यवस्था के प्रत्यक्ष लाभ का उदाहरण है। शुल्क में राहत के साथ कम समय में रजिस्ट्री पूरी होने से दोनों महिलाओं को दोहरा लाभ मिला।

 

सेवा संकल्प अभियान में सामने आया बदलाव का असर

 

नम्रता खंडेलवाल और प्रिया खंडेलवाल ने पंजीयन शुल्क में मिली रियायत और डिजिटल सुविधाओं के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कम खर्च और कम समय में पंजीयन पूरा होने से उनका अनुभव पहले की तुलना में बेहतर रहा।

 

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर रहा है और सरकारी सेवाओं में किए गए सुधारों के जमीनी प्रभाव, नागरिकों के अनुभव और सुझावों को सामने ला रहा है।

 

राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया की कहानी बताती है कि प्रशासनिक सुधारों का वास्तविक लाभ तब सामने आता है, जब उसका सीधा फायदा आम नागरिकों को मिले। 30 मिनट में पूरी हुई रजिस्ट्री और करीब 30 हजार रुपये की बचत उनके लिए सिर्फ एक सरकारी सुविधा नहीं, बल्कि समय, धन और अनावश्यक परेशानी से मिली वास्तविक राहत है।

The post राजनांदगांव की नम्रता और प्रिया ने बताया आसान रजिस्ट्री का अनुभव appeared first on Ekhabri.com.

साभार: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)