होम Chhattisgarh रविदास जयंती पर ऐतिहासिक निर्णय, प्रदेश में अवकाश और बिक्री बंद
Chhattisgarh

रविदास जयंती पर ऐतिहासिक निर्णय, प्रदेश में अवकाश और बिक्री बंद

WhatsApp Facebook
रविदास जयंती पर ऐतिहासिक निर्णय, प्रदेश में अवकाश और बिक्री बंद

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर।राजधानी रायपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कलश वंदन महाअभियान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संत रविदास के समरसता, समानता और भक्ति के संदेश को विकसित और सशक्त भारत की आधारशिला बताया

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से लाए गए पवित्र मिट्टी और जल से भरे कलश का विधिवत पूजन-अर्चन किया। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया और जिलों से आए प्रतिनिधियों को कलश सौंपते हुए गांव-गांव तक अभियान को पहुंचाने का आह्वान किया।

IMG-20260804-WA0106-300x200 रविदास जयंती पर ऐतिहासिक निर्णय, प्रदेश में अवकाश और बिक्री बंद

संत रविदास सम्मान में बड़ी घोषणाएं

 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में माघी पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती पर पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन मांस एवं मदिरा की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित की जाएगी।

 

इसके साथ ही राज्य स्थापना दिवस पर दिए जाने वाले राज्य अलंकरण पुरस्कारों में संत रविदास के नाम से एक पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की गई। नवा रायपुर के एक प्रमुख चौक का नामकरण भी संत रविदास के नाम पर किया जाएगा।

 

संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब समाज में भेदभाव, छुआछूत और अन्याय बढ़ा, तब-तब संतों और महापुरुषों ने समाज को नई दिशा दी। संत रविदास ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से समानता, श्रम और सामाजिक न्याय का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

 

उन्होंने संत रविदास के प्रसिद्ध दोहे—

“ऐसा चाहूं राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न…”

का उल्लेख करते हुए इसे आदर्श समाज की परिकल्पना बताया। साथ ही “मन चंगा तो कठौती में गंगा” संदेश को आंतरिक शुद्धता और सच्ची भक्ति का प्रतीक बताया।

 

विकास भी, विरासत भी’ बना मार्गदर्शक

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने “विकास भी, विरासत भी” को सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का आधार बताया।

 

  जन-जन तक पहुंचेगा समरसता अभियान

 

मुख्यमंत्री ने सीर गोवर्धनपुर से पवित्र कलश लेकर आए प्रतिनिधिमंडल की सराहना की और विश्वास जताया कि यह अभियान सामाजिक समरसता का जनआंदोलन बनेगा। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों को कलश सौंपे गए और वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

 

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित

 

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, संत समाज के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

The post रविदास जयंती पर ऐतिहासिक निर्णय, प्रदेश में अवकाश और बिक्री बंद appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)