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रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला रोजगार, प्रोजेक्ट झरिया ने बदली जिंदगी

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रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला रोजगार, प्रोजेक्ट झरिया ने बदली जिंदगी

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रायपुर। रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है, लेकिन रायपुर जिले की कई महिलाओं के लिए इस बार यह त्योहार आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है। जिले में संचालित प्रोजेक्ट ‘झरिया’ से जुड़कर महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ अपने परिवार की प्रगति में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

 

नवा रायपुर के ग्राम पचेड़ा निवासी रूनी कोसले शारदा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। रोजगार के सीमित अवसरों के बीच प्रोजेक्ट झरिया के तहत उन्हें झरिया अल्कलाइन वाटर प्लांट में काम करने का अवसर मिला। उनके लिए यह अवसर महज नौकरी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

 

रूनी कोसले बताती हैं कि पहले उनका अधिकांश समय घर के कामकाज तक ही सीमित था। काम करने की इच्छा और हुनर होने के बावजूद उनके पास आय का कोई नियमित साधन नहीं था। प्रोजेक्ट झरिया से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार मिला, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान की भावना भी बढ़ी।

IMG-20260826-WA0012-250x300 रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिला रोजगार, प्रोजेक्ट झरिया ने बदली जिंदगी

रोजगार मिलने के बाद अब रूनी अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार के लिए योगदान देने का एहसास उनके लिए बेहद खास है। उनके लिए काम का अवसर आय के साथ आत्मविश्वास, पहचान और सम्मान भी लेकर आया है।

 

रक्षाबंधन के अवसर पर प्रोजेक्ट झरिया से जुड़ी महिलाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ‘विष्णु भैया’ के रूप में याद करते हुए आभार व्यक्त कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि बहनों की कलाई पर राखी बांधने के साथ उनके हाथों में रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर देना उनके लिए किसी अनमोल उपहार से कम नहीं है।

 

रूनी कोसले कहती हैं, “काम मिलने से अब हमें लगता है कि हम भी अपने परिवार के लिए कुछ कर सकते हैं। रोजगार के साथ हमें सम्मान और आत्मविश्वास मिला है। इस अवसर के लिए विष्णु भैया का धन्यवाद।”

 

प्रोजेक्ट झरिया से जुड़ी महिलाओं की यह कहानी बताती है कि रोजगार केवल आय का माध्यम नहीं है। यह महिलाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और अपनी पहचान बनाने का अवसर भी देता है। रक्षाबंधन पर इन महिलाओं की मुस्कान और उनका आभार आत्मनिर्भरता की उस नई तस्वीर को सामने लाता है, जहां महिलाएं परिवार के साथ-साथ अपने भविष्य को भी मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

 

 

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Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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