महतारी वंदन की 31वीं किस्त से बदली लक्ष्मी मांझी की जिंदगी
रायपुर। महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वरोजगार की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरखपुर के आवास मोहल्ला निवासी लक्ष्मी मांझी की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।
लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें लगातार आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि भी उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। नियमित आर्थिक सहायता से जहां परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हुई, वहीं उन्होंने इसी राशि की बचत कर स्वरोजगार शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
महतारी वंदन की राशि से खरीदी सिलाई मशीन
लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदने का निर्णय लिया। सिलाई मशीन मिलने के बाद उन्होंने घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। अब वे आसपास की महिलाओं और परिवार के लोगों के कपड़े सिलकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।
पहले अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली लक्ष्मी मांझी अब सिलाई के काम से परिवार की आर्थिक व्यवस्था में स्वयं योगदान दे रही हैं। घर से काम करने की सुविधा के कारण वे घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वरोजगार भी कर पा रही हैं।
बच्चों की पढ़ाई में भी कर रहीं सहयोग
सिलाई से होने वाली आमदनी और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग लक्ष्मी मांझी परिवार की आवश्यकताओं के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी कर रही हैं। बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पाना उनके लिए संतोष और आत्मविश्वास का विषय है।
लक्ष्मी मांझी के अनुसार, नियमित आर्थिक सहायता मिलने से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आसानी हुई। उन्होंने योजना से मिली राशि की बचत कर सिलाई मशीन खरीदी और आज यही मशीन उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। स्वरोजगार शुरू होने से उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई शुरुआत हुई है।
उज्ज्वला योजना से घरेलू कामकाज हुआ आसान
लक्ष्मी मांझी को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का लाभ भी मिला है। इससे उन्हें खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली और घरेलू कार्य पहले की तुलना में आसान हुए हैं। महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
सरकारी योजनाओं से आत्मनिर्भरता को मिली नई दिशा
लक्ष्मी मांझी का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने पर उसका असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवारों को आगे बढ़ने और नए अवसर तैयार करने का रास्ता भी मिलता है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपनी जरूरतों के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने में किया, जिससे अब वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं।
लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं से मिली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
लक्ष्मी मांझी की कहानी इस बात की मिसाल है कि आर्थिक सहायता का सही उपयोग सरकारी योजनाओं के उद्देश्य को और प्रभावी बना सकता है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि ने जहां परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद की, वहीं इसी सहायता से खरीदी गई सिलाई मशीन अब उनके लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का माध्यम बन गई है। यह बदलाव महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
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Source: Ekhabri


