होम › Chhattisgarh › पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव
Chhattisgarh

पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव

WhatsApp Facebook
पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे होने पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। कैबिनेट ने इस उपलब्धि को राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित ऐतिहासिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। इस दौरान राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं, बुनियादी ढांचे, कृषि, महिला सशक्तीकरण, जनजातीय विकास और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में हुए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती और आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने सहित दो महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।

 

राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इनमें जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई जैसे विषय शामिल हैं। मंत्रिपरिषद ने सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को संसाधन उपलब्ध कराने और आवास, पेयजल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य तथा स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं आम नागरिकों तक पहुंचाने में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया।

 

  •  गुजरात मॉडल से मिली सुशासन और विकास की प्रेरणा

 

राज्य सरकार के अनुसार, गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने शासन में तकनीक, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया। इन प्रयोगों से छत्तीसगढ़ ने भी अपनी विकास यात्रा में प्रेरणा ली। राज्य में संवाद और चिंतन शिविर जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया गया। पीएम गतिशक्ति के माध्यम से परियोजनाओं की योजना और निगरानी को तकनीक से जोड़ा गया है। प्रदेश के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांवों को जियो-रेफरेंस्ड किया जा चुका है।

IMG-20261011-WA0013-300x186 पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव

 

  •  छत्तीसगढ़ को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

 

राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए लागू किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के माध्यम से औद्योगिक अनुमतियों की प्रक्रिया सरल की गई है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वतः स्वीकृति यानी डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान भी किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।

 

दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 279 गैर-जरूरी प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे और सातों दिन संचालन की अनुमति दी गई है। सरकार के मुताबिक, राज्य में 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

 

  •  डिजिटल सेवाओं से किसानों और आम नागरिकों को लाभ

 

राज्य सरकार ने जनधन-आधार-मोबाइल यानी जैम, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और यूपीआई जैसी व्यवस्थाओं को आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बताया। सरकार के अनुसार, देश में वित्तीय समावेशन और डिजिटल भुगतान के विस्तार से लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाना आसान हुआ है।

 

छत्तीसगढ़ में एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना के माध्यम से 7.51 लाख ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं। इन पहलों से किसानों और ग्रामीण परिवारों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिली है।

 

  •  प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों परिवारों को पक्के घर

 

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे होने की जानकारी दी गई। राज्य सरकार के अनुसार, पिछले पौने तीन वर्षों में ही 11.78 लाख आवासों का निर्माण किया गया है। आवास निर्माण की गति के मामले में राज्य ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।

 

स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2,437 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से 36 लाख घरेलू और 14,970 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रदेश के 18,653 गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है। उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं।

 

आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए जाने की जानकारी दी गई, जो करीब 92 प्रतिशत पात्र आबादी के बराबर है। योजना के तहत 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। वहीं, 70 वर्ष से अधिक आयु के 6.21 लाख वरिष्ठ नागरिकों को वय-वंदना कार्ड जारी किए गए हैं।

 

  •  छत्तीसगढ़ के 1.99 करोड़ लोगों को मिल रहा मुफ्त राशन

 

राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई निःशुल्क खाद्यान्न व्यवस्था को गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 73 लाख परिवारों के लगभग 1.99 करोड़ हितग्राहियों को मुफ्त राशन मिल रहा है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार से राज्य को लगभग 5,600 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलने की जानकारी दी गई।

 

  •  किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और धान खरीदी से संबल

 

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 26.57 लाख किसानों के खातों में सहायता राशि पहुंची है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 5,064 करोड़ रुपये का केंद्रीय प्रीमियम अंश प्राप्त हुआ है।

 

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 में पंजीकृत किसानों की संख्या 13.17 लाख थी, जो बढ़कर 27.53 लाख हो गई है। इसी अवधि में पंजीकृत कृषि रकबा 21.26 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 33 लाख हेक्टेयर पहुंच गया। धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन के स्तर पर पहुंचने की जानकारी भी दी गई।

 

सरकार के मुताबिक, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के माध्यम से 33,431 करोड़ रुपये और बोनस के रूप में 10,292 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

 

  •  महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता

 

महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि के साथ 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।

 

बिहान यानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़े हैं। वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से 70 हजार से अधिक जनजातीय महिलाएं भी आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हैं।

 

खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत आठ जिलों के लिए 48 करोड़ रुपये की सहायता और 33 मिनी सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। बिलासपुर में हॉकी, तीरंदाजी और एथलेटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्वीकृति भी दी गई है।

 

  •  जनजातीय क्षेत्रों में आवास, सड़क और शिक्षा पर जोर

 

राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के 6,000 से अधिक जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

 

पीएम जनमन योजना के तहत 18 जिलों में रहने वाली पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों के 56 हजार से अधिक परिवारों तक पक्के आवास, सड़क और पेयजल सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। प्रदेश के 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। लघु वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य के माध्यम से छह लाख संग्राहकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

 

नवा रायपुर में देश का पहला डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय स्थापित किए जाने को भी राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

 

  •  छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों से मिले 3.46 लाख करोड़ रुपये

 

राज्य सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 3,46,806 करोड़ रुपये मिले हैं। वर्ष 2004 से 2014 के दशक में यह राशि 47,100 करोड़ रुपये थी। इस तरह केंद्रीय करों से प्राप्त राशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

 

जिला खनिज न्यास यानी डीएमएफ व्यवस्था के तहत राज्य को 17,887 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इन संसाधनों से 81 हजार से अधिक विकास कार्य किए गए हैं। जीएसटी व्यवस्था से देशभर में एकीकृत बाजार विकसित होने और व्यापारिक बाधाएं कम होने की बात भी कही गई। राज्य को 22,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जीएसटी क्षतिपूर्ति सहायता मिलने का उल्लेख किया गया।

 

  • सड़क, रेल और बिजली परियोजनाओं से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 35,766 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। इनमें 18,215 करोड़ रुपये की लागत वाली 37 परियोजनाओं पर काम जारी है। राज्य के सभी जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।

 

रायपुर-विशाखापट्टनम छह लेन एक्सप्रेसवे को प्रदेश के लिए बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ने की महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया। इसके अतिरिक्त 4,007 करोड़ रुपये की लागत से बिलासपुर-उरगा-पत्थलगांव मार्ग और 2,289 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर-दुर्ग छह लेन बायपास का निर्माण जारी है।

 

रेलवे क्षेत्र में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की नई रेल लाइन, दोहरीकरण, फ्लाईओवर और पुल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। डिजिटल भारत निधि के तहत दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में 1,643 मोबाइल टावर स्वीकृत किए गए हैं।

 

ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई। रायगढ़ के लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की क्षमता 4,000 मेगावाट से बढ़ाकर 4,800 मेगावाट की गई है। केंद्र की 2,808 करोड़ रुपये की सहायता से 9.30 लाख घरों को नए बिजली कनेक्शन मिले हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1.16 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए गए हैं, जिनके लिए 670 करोड़ रुपये की केंद्रीय सब्सिडी जारी की गई है।

 

  • 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से निर्णायक मुक्ति का दावा

 

राज्य सरकार ने बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध कार्रवाई और विकास कार्यों को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। सरकार के अनुसार, केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों की कार्रवाई से 31 मार्च 2026 को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली।

 

नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिलने की जानकारी दी गई। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 5,671 का निर्माण जारी है।

 

आरसीपीएलडब्ल्यूई योजना के तहत 267 सड़कें और आठ पुल पूरे किए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में 699 करोड़ रुपये की लागत से 228 सड़कें बनाई जा रही हैं। हिंसा के कारण लंबे समय से बंद 421 स्कूल फिर से खोले गए हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन जैसी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

  •  राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

 

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। वन रैंक वन पेंशन योजना, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का सृजन और अनुच्छेद 370 की समाप्ति को भी महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल किया गया।

 

सरकार ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए जाने तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने का उल्लेख किया।

 

सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण का उल्लेख किया गया। छत्तीसगढ़ में अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना संचालित की जा रही है। प्रसाद योजना के तहत 48 करोड़ रुपये की सहायता से डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर का विकास कार्य पूरा हुआ है।

 

स्वदेश दर्शन योजना के तहत जनजातीय पर्यटन सर्किट के लिए 94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 में कबीरधाम के भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 146 करोड़ रुपये और जशपुर के मयाली-बगीचा इको-टूरिज्म क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। चंपारण में संत वल्लभाचार्य की मूर्ति और कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 73.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

 

रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से पीएम एकता मॉल बनाने और नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान यानी निफ्ट की स्थापना को भी स्वीकृति मिली है।

 

  •  विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

 

राज्य सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 का रोडमैप तैयार किया गया है। नक्सलमुक्त बस्तर, खनिज और ऊर्जा संसाधन, कृषि, महिला सशक्तीकरण, युवा शक्ति, जनजातीय संस्कृति और निवेश के अनुकूल वातावरण को राज्य की प्रमुख ताकत बताया गया।

 

मंत्रिपरिषद ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने का संकल्प दोहराया।

 

  •  कैबिनेट के दो बड़े फैसले

 

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सेवाओं में अवसर देने के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की है। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। इस फैसले का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के सैन्य अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की पुलिस व्यवस्था में लेना है।

 

एक अन्य फैसले में मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किया जाएगा।

 

प्रकाशन से पहले ध्यान दें: यह समाचार उपलब्ध कराई गई प्रेस वार्ता की सामग्री के आधार पर संपादित किया गया है। इसमें दिए गए आंकड़ों, योजनाओं और सरकारी दावों को प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित करना उचित होगा। विशेष रूप से नक्सलवाद से मुक्ति संबंधी दावे, निवेश प्रस्ताव, केंद्रीय सहायता और परियोजनाओं की स्वीकृतियों की पुष्टि कर लें।

 

The post पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट का अभिनंदन प्रस्ताव appeared first on Ekhabri.com.

साभार: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)