नेपाल में फिर आई तबाही: बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़, 100 मकान बहने की आशंका, पुल और हाइड्रो प्रोजेक्ट का बेस कैंप भी बहा

नई दिल्ली: नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है। तेज बहाव के साथ मिट्टी, पत्थर और पेड़ बहकर आए, जिससे नदी किनारे बसे गांव प्रभावित हुए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, करीब 100 मकान बह गए हैं। कई पुलों और निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को भी नुकसान पहुंचा है।
सुबह 4 बजे अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्र के मुताबिक, बाढ़ रविवार तड़के करीब 4 बजे आई। दोभान, घट्टेखोला, जगत, सल्लेरी, चुमनुबरी और धार्चे क्षेत्र में नुकसान की खबर है। अधिकारियों के अनुसार, जगत में कई मकान बह गए हैं। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
पुल और बेस कैंप भी बहे
बाढ़ के तेज बहाव में छोटे-बड़े करीब आधा दर्जन पुलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। चुमनुबरी से न्याकचेत-सिर्दिबास को जोड़ने वाला पुल भी बह गया। सल्लेरी में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना का बेस कैंप भी बाढ़ की चपेट में आ गया। हालांकि, अभी तक जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भूस्खलन से बाढ़ आने की आशंका
प्रशासन को आशंका है कि ऊपरी इलाके में भूस्खलन से नदी का रास्ता रुका होगा। इससे पानी और मलबा जमा होकर अस्थायी बांध जैसी स्थिति बनी होगी। इसके बाद अवरोध टूटने से पानी तेजी से नीचे आया होगा। हालांकि, बाढ़ की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
गृह मंत्री सूदन गुरुंग के निर्देश पर बचाव अभियान के लिए हेलिकॉप्टर लगाया गया है। रेस्क्यू टीम बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में जुटी है। चुमलिंग और लोकपा समेत आसपास के इलाकों में लोगों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
सुबह 6:40 बजे जारी हुआ अलर्ट
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने सुबह 6:40 बजे बाढ़ की चेतावनी जारी की। लोगों से त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास नहीं जाने और पानी उतरने तक सुरक्षित ऊंचाई पर रहने को कहा गया है। प्रशासन हालात पर नजर रख रहा है।
साभार: Asian News Bharat


