धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा: साय बोले नैतिकता और राष्ट्रहित का उदाहरण
रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल जिम्मेदारी का प्रतीक है, बल्कि राजनीति में नैतिकता और पारदर्शिता की मिसाल भी पेश करता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में हर दायित्व का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ किया है। उनकी कार्यशैली, संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणादायक रही है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्री के रूप में विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खासतौर पर शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पद से इस्तीफा देना उनके सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। यह कदम सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और नैतिक आचरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मेंद्र प्रधान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी राष्ट्रसेवा में अपना योगदान देते रहेंगे।
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Source: Ekhabri


