होम Technology छत्तीसगढ़ में मेडिकल सीटों पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, डोमिसाइल की होगी जांच
Technology

छत्तीसगढ़ में मेडिकल सीटों पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, डोमिसाइल की होगी जांच

WhatsApp Facebook
छत्तीसगढ़ में मेडिकल सीटों पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, डोमिसाइल की होगी जांच

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के दौरान स्थानीय विद्यार्थियों के हितों की रक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के हक की एक भी सीट प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और स्थानीय छात्र हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इन सीटों का लाभ पात्र विद्यार्थियों को ही मिले।

 

उन्होंने कहा कि डोमिसाइल यानी मूल निवासी प्रमाण-पत्र को लेकर यदि कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही हैं, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं, नियमों के उल्लंघन या फर्जीवाड़े का मामला सामने आने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश के लिए कड़ी मेहनत की है। उनके भविष्य और अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेजों और सीटों में वृद्धि उपलब्धि है, लेकिन इसका लाभ सही और पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी।

 

नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग

 

छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति के अनुसार, नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग पिछले वर्षों की तरह निर्धारित प्रवेश नियमों के तहत ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। इसमें पंजीयन, कॉलेज और पाठ्यक्रम की प्राथमिकता का निर्धारण, सीट आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा और प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है।

 

नियम 7 के तहत दस्तावेजों का सत्यापन

 

छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों की पात्रता का परीक्षण किया जाएगा। इसमें मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी या संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र और नियमानुसार आवश्यक अन्य दस्तावेजों की जांच शामिल है।

 

सीट आवंटित होने के बाद अभ्यर्थी को आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन में पात्र पाए जाने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण माना जाएगा। यानी केवल ऑनलाइन सीट आवंटन को अंतिम प्रवेश नहीं माना जाएगा।

 

गलत जानकारी देने पर प्रवेश हो सकता है निरस्त

प्रवेश नियमों के नियम 12 में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने झूठी या गलत जानकारी देकर अथवा किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया है, तो उसका प्रवेश नियमानुसार निरस्त किया जा सकता है।

 

इसी तरह प्रवेश मिलने के बाद किसी भी समय यह सामने आता है कि किसी त्रुटि या चूक के कारण अभ्यर्थी को प्रवेश मिला था, तो भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। मूल निवासी प्रमाण-पत्र या अन्य दस्तावेजों को लेकर शिकायत या तथ्य सामने आने पर संबंधित मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

अफवाहों पर ध्यान नहीं दें, अधिकृत पोर्टल पर करें शिकायत

 

राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। काउंसलिंग से जुड़ी किसी शंका, समस्या या शिकायत के लिए अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल के Candidate Login में उपलब्ध “Candidates Grievances and Query Redressal System” के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

 

इसके अलावा अभ्यर्थी काउंसलिंग शाखा के ई-मेल [cgdme.counseling@gmail.com](mailto:cgdme.counseling@gmail.com) पर भी अपनी समस्या या शिकायत भेज सकते हैं।

 

 

 

The post छत्तीसगढ़ में मेडिकल सीटों पर नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, डोमिसाइल की होगी जांच appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)