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छत्तीसगढ़ के शहरों का बदलेगा स्वरूप, अर्बन चैलेंज फंड से विकास को मिलेगी नई गति

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छत्तीसगढ़ के शहरों का बदलेगा स्वरूप, अर्बन चैलेंज फंड से विकास को मिलेगी नई गति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित और टिकाऊ विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय संसाधनों, आधुनिक तकनीक और दीर्घकालिक शहरी नियोजन पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों को विकास की नई संभावनाएं मिलेंगी। उन्होंने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने का आह्वान किया।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) पर पहली क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं हैं, बल्कि उद्योग, व्यापार, रोजगार, निवेश और नवाचार के प्रमुख आधार भी हैं। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरी क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

IMG-20261021-WA0012-300x193 छत्तीसगढ़ के शहरों का बदलेगा स्वरूप, अर्बन चैलेंज फंड से विकास को मिलेगी नई गति

# नगरीय विकास के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते

 

कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता हुडको और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच हुआ, जबकि दूसरा समझौता नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच संपन्न हुआ।

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन समझौतों से नगरीय निकायों को विकास परियोजनाओं की योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त करने, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजनाएं तैयार करने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

 

उन्होंने कहा कि शहरी विकास के लिए शासन, वित्तीय संस्थानों और विशेषज्ञ संगठनों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मजबूत संस्थागत साझेदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ के शहरों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा सकता है।

 

# विकसित छत्तीसगढ़ के लिए मजबूत होगी शहरी अर्थव्यवस्था

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इसके क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे शहरों का विकास करना आवश्यक है, जो निवेश आकर्षित करें, उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहित करें, रोजगार के नए अवसर पैदा करें और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। सुनियोजित शहरीकरण राज्य की आर्थिक प्रगति और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की मजबूत नींव बनेगा।

 

# जलभराव और अव्यवस्थित बिजली तारों की समस्या का होगा समाधान

 

मुख्यमंत्री साय ने नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि विकास योजनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाएं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी, परिवहन और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है।

 

उन्होंने बारिश के दौरान शहरों में होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, ताकि नागरिकों को हर साल होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।

 

उन्होंने शहरों में बिजली और अन्य सेवाओं के अव्यवस्थित तारों की समस्या का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जहां तकनीकी रूप से संभव हो, वहां बिजली एवं अन्य सेवाओं के तारों को भूमिगत करने की योजना बनाई जानी चाहिए। इससे शहरी व्यवस्था बेहतर होने के साथ नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं को अलग-अलग देखने के बजाय समग्र शहरी नियोजन के तहत विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है।

 

# जनप्रतिनिधि भविष्य की जरूरतों के अनुसार बनाएं योजनाएं

 

मुख्यमंत्री ने महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों तथा अधिकारियों से कहा कि जनता ने उन्हें अपने शहरों के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है। इसलिए उन्हें स्थानीय समस्याओं को समझते हुए ऐसे समाधान तैयार करने चाहिए, जिनका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिल सके।

 

उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड को नगरीय निकायों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि सभी निकाय इसकी शर्तों और प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन करें। विशेषज्ञों से परामर्श लेकर ऐसी परियोजनाएं तैयार की जाएं, जो तकनीकी रूप से मजबूत, नागरिकों के लिए उपयोगी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य हों।

 

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि क्षेत्रीय कार्यशाला में प्राप्त तकनीकी मार्गदर्शन और विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश के नगरीय विकास को नई दिशा मिलेगी। शासन, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों और विशेषज्ञ संस्थाओं के साझा प्रयासों से शहरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

 

# अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर जोर

 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, बिजली, आवास और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को गति मिल रही है।

 

उन्होंने प्रदेश में रेल अधोसंरचना के विस्तार को भी विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यहां की उर्वर भूमि, संसाधन और मेहनतकश नागरिक राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलताओं से प्रदेश में विकास और निवेश की संभावनाओं को मजबूती मिली है।

 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान को और सशक्त बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा, ताकि राज्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सके।

 

# एक लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर: अरुण साव

 

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास के लिए बड़ा अवसर है। अब नगरीय निकायों के सामने चुनौती है कि वे कितनी गुणवत्तापूर्ण और व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार कर इस फंड का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि तकनीक और नागरिकों की अपेक्षाओं में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में नगरीय विकास की कार्यशैली को भी आधुनिक बनाना होगा। शहरों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए नवाचार, आधुनिक तकनीक और बेहतर वित्तीय नियोजन को अपनाना आवश्यक है।

 

साव ने कहा कि किसी भी परियोजना की सफलता केवल उसके निर्माण से निर्धारित नहीं होती। उसके संचालन, रखरखाव, उपयोगिता और वित्तीय व्यवहार्यता की योजना भी शुरुआत से ही स्पष्ट होनी चाहिए। सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

 

# अर्बन चैलेंज फंड से शहरों को मिलेगा नया आधार: तोखन साहू

 

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी विकास को नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है।

 

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। अर्बन चैलेंज फंड इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

 

साहू ने कहा कि विकास परियोजनाओं को नागरिकों के लिए उपयोगी बनाने के साथ उनकी आर्थिक व्यवहार्यता पर भी ध्यान देना होगा। सरकारी सहायता के अलावा बैंक वित्तपोषण, बाजार आधारित संसाधनों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।

 

उन्होंने जबलपुर में कचरे से ऊर्जा उत्पादन और हैदराबाद में जल प्रबंधन तथा तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था जैसे उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को देश के सफल प्रयोगों का अध्ययन कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार अपनाने चाहिए।

 

# नगरीय निकायों को मिलेगा तकनीकी और वित्तीय सहयोग

 

कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। इसमें वित्तीय संसाधन जुटाने, परियोजनाओं की व्यवहार्यता, आधुनिक शहरी नियोजन और प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

 

हुडको और सेप्ट विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौतों से नगरीय निकायों को परियोजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

 

कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, हुडको के सीएमडी संजय कुलश्रेष्ठ, तेलंगाना नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव डॉ. टी. के. श्री देवी, सेप्ट विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट बरजोर मेहता, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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