गांधी जयंती पर धूमा में बेटियों को मिली स्वच्छता और सम्मान की सौगात
रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता, स्वास्थ्य और बेटियों के सम्मान का संदेश देते हुए धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत धूमा में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत प्रदेश के प्रथम बालिका शौचालय का उद्घाटन किया गया। विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत निर्मित यह शौचालय राज्य में संचालित अभियान को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
गुलाबी रंग से सजे इस नवनिर्मित बालिका शौचालय के उद्घाटन के दौरान स्कूली बच्चियों ने हाथों में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर स्वच्छता, सुरक्षा और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और बच्चों की सहभागिता से गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम विशेष बन गया।

‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत की थी। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन शौचालयों के निर्माण पर लगभग 286.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही विद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा को प्राथमिकता मिले।
धूमा में निर्मित बालिका शौचालय का निर्माण और उद्घाटन शासन की लगातार निगरानी में हुआ। विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने कुरूद विकासखंड के भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत धूमा पहुंचकर निर्माण कार्य का मैदानी निरीक्षण किया था। उन्होंने निर्माण की प्रगति का जायजा लेने के साथ कार्य में लगे श्रमिकों से मजदूरी भुगतान की जानकारी भी ली थी और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे।
करीब एक महीने बाद गांधी जयंती के अवसर पर धूमा में बालिका शौचालय का उद्घाटन अभियान के उद्देश्य को धरातल पर उतरने की तस्वीर पेश करता है। यह पहल ग्रामीण विद्यालयों में बालिकाओं के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शासन का लक्ष्य 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक शासकीय विद्यालय में बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करना है। धूमा से हुई यह शुरुआत इस अभियान के व्यापक लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
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साभार: Ekhabri


