केटीयू में राष्ट्रीय खेल दिवस पर पारंपरिक खेलों ने बढ़ाया उत्साह
रायपुर। खेल केवल शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष करते रहने और विजय हासिल करने का साहस प्रदान करता है। यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह, सकारात्मक सोच और आपसी समन्वय जैसे जीवन-मूल्यों का विकास होता है। ये गुण विद्यार्थियों को न केवल संतुलित और बहुआयामी व्यक्तित्व प्रदान करते हैं, बल्कि तनावमुक्त जीवन जीने में भी मददगार साबित होते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में पारंपरिक और नवाचारी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने ‘ओंकार दौड़’, ‘केंद्र कबड्डी’, ‘नेताजी की पहचान’, ‘मत चूको चौहान’, ‘शेर-आदमी-बंदूक’ और ‘सुदर्शन चक्र’ जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इन खेल प्रतियोगिताओं के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह और खेल भावना का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों ने भी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर आयोजन को खास बनाया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और राष्ट्रीय खेल दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया।
राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ उनके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक मजबूती और व्यक्तित्व विकास के महत्व को रेखांकित करना रहा।
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Source: Ekhabri


