होम › Chhattisgarh › आज दशहरा में करें शुभ मुहूर्त में रावण का दहन, जानिए शुभ मुहूर्त 
Chhattisgarh

आज दशहरा में करें शुभ मुहूर्त में रावण का दहन, जानिए शुभ मुहूर्त 

WhatsApp Facebook
आज दशहरा में करें शुभ मुहूर्त में रावण का दहन, जानिए शुभ मुहूर्त 

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर. दशहरा का पर्व आज, 20 अक्टूबर 2026 को देश के कई हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की याद में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। कई स्थानों पर मां दुर्गा की पूजा, शस्त्र पूजन और आयुध पूजा की परंपरा निभाई जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं दशहरे पर पूजा के शुभ मुहूर्त, रावण दहन के समय और इस पर्व से जुड़ी खास मान्यताओं के बारे में। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी।

 

विजयादशमी पूजा का शुभ मुहूर्त

दशहरे के दिन विजय मुहूर्त में पूजा करना विशेष शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय भगवान श्रीराम, मां दुर्गा और अपराजिता देवी की पूजा करने से विजय, सफलता और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

 

2026 में दिए गए पंचांग के अनुसार, विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 19 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक बताया गया है।

 

आयुध पूजा 2026: जानें शुभ समय

विजयादशमी के अवसर पर आयुध पूजा का भी खास महत्व है। इस दिन लोग अपने काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों, मशीनों, वाहनों और अन्य उपकरणों की पूजा करते हैं। कई परिवारों और व्यवसायों में शस्त्र पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है। मान्यता है कि कार्य से जुड़ी वस्तुओं का पूजन करने से काम में उन्नति और सफलता प्राप्त होती है।

 

दिए गए मुहूर्त के अनुसार, आयुध पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक है, जबकि अपराजिता देवी की पूजा का समय दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक बताया गया है।

 

दशहरा में रावण दहन

दशहरे पर रावण दहन पर्व का प्रमुख आकर्षण होता है। उत्तर भारत के कई शहरों और कस्बों में 20 अक्टूबर की शाम को रामलीला के समापन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। उपलब्ध समय के अनुसार, रावण दहन के लिए शाम 5 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। वहीं, प्रदोष काल शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। स्थानीय रामलीला समितियों और आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के वास्तविक समय में अंतर हो सकता है।

 

क्यों किया जाता है रावण दहन?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने विजयादशमी के दिन रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था। इसी घटना की याद में हर साल दशहरे पर रावण दहन किया जाता है। यह परंपरा संदेश देती है कि अन्याय, अहंकार और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है। यही वजह है कि दशहरे को भारतीय संस्कृति में विजय और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

 

दशहरे पर शस्त्र पूजा और आयुध पूजन का महत्व

विजयादशमी पर शस्त्र पूजा करने की परंपरा का संबंध शक्ति, साहस और कर्तव्य के सम्मान से है। इस दिन कई लोग अपने शस्त्रों के साथ-साथ औजारों, वाहनों, मशीनों और कारोबार में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की पूजा करते हैं, कुछ क्षेत्रों में शमी या आपटा के पत्तों का आदान-प्रदान भी किया जाता है, जिसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं, कई परिवार इस दिन पढ़ाई, लेखन, संगीत या किसी नए काम की शुरुआत करना शुभ समझते हैं।

The post आज दशहरा में करें शुभ मुहूर्त में रावण का दहन, जानिए शुभ मुहूर्त  appeared first on Ekhabri.com.

साभार: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें
दोस्तों के साथ साझा करें
OneChhattisgarh संपादकीय डेस्क
संपादकीय डेस्कOneChhattisgarh संपादकीय डेस्क

OneChhattisgarh.Com संपादकीय टीम — छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरें, सरकारी योजनाएं, रोजगार समाचार व जनहित के मुद्दों पर निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता।

सभी लेख देखें →
सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)