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स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव, 10,538 स्कूलों का समायोजन और 5,000 पदों पर भर्ती

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स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव, 10,538 स्कूलों का समायोजन और 5,000 पदों पर भर्ती

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना को लेकर अटल नगर, नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विभागीय कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

 

मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि विभाग ने शिक्षकों की उपलब्धता, पदोन्नति और भर्ती के साथ विद्यार्थियों को निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराने, विद्यालय अधोसंरचना मजबूत करने, बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

 

10,538 विद्यालयों का समायोजन

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानों के अनुरूप 10,538 विद्यालयों का समायोजन किया गया है। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया।

 

विभाग के अनुसार 453 शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की पूर्ति की गई है, जबकि 4,729 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।

 

पदोन्नति के क्षेत्र में भी विभाग ने महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478, कुल 2,813 प्राचार्यों की पदोन्नति की गई। इसके अलावा टी संवर्ग के 1,798 व्याख्याताओं को पदोन्नति दी गई है। पिछले दो वर्षों में विभिन्न पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं।

 

5,000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी

 

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए हैं। वर्ष 2025 में इनमें से 62 पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति की गई। पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की जा चुकी है।

 

वर्तमान में 5,000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद विद्यालयों में 3,000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।

 

ऑनलाइन CBT से भर्ती में पारदर्शिता

 

स्कूल शिक्षा विभाग ने संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT की व्यवस्था शुरू की है।

 

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,171, कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया चल रही है। विभाग के अनुसार CBT के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ परिणाम कम समय में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

 

स्थानीय भाषाओं में शिक्षा पर जोर

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रदेश के विद्यालयों में 15 जुलाई 2024 से लागू किया गया। कक्षा 1 और 2 की हिंदी पुस्तकों में बारहखड़ी को शामिल किया गया है। इन कक्षाओं के लिए 16 स्थानीय और 4 अंतरराज्यीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें तैयार की गई हैं।

 

कक्षा 1, 2, 3 और 6 की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों का राज्य की जरूरतों के अनुरूप अनुकूलन किया गया है। कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए सहायक वाचन सामग्री भी विकसित की गई है।

 

विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने भाषा-चित्रण यानी Language Mapping किया है। बस्तर संभाग में बच्चों की मातृभाषा के कक्षा में उपयोग के लिए 2,700 शिक्षकों और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।

 

कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी को शिक्षा के माध्यम के अनुरूप पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है।

 

ऑनलाइन उपस्थिति से शिक्षकों की निगरानी

 

शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और टीके ऐप के माध्यम से उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। विभाग के अनुसार प्रतिदिन लगभग 85 प्रतिशत शिक्षक टीके ऐप पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।

 

अवकाश प्रबंधन पोर्टल, पेपरलेस कार्यप्रणाली और ऑनलाइन संपत्ति विवरण जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक

 

कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की पहल से 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।

 

पाठ्यपुस्तकों के वितरण और सत्यापन के लिए स्कैनिंग व्यवस्था लागू की गई है। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 16 बोलियों में पाठ्यपुस्तक प्रकाशन की पहल भी की गई है।

 

निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना से 1 लाख 62 हजार 827 बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। वहीं कक्षा 1 से 8 तक के 28 लाख 63 हजार 786 विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश उपलब्ध कराया गया है।

 

बोर्ड परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत सुधार

 

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। परिणामों में सुधार के लिए परीक्षा पूर्व समीक्षा, ब्लूप्रिंट निर्माण, बेहतर अध्यापन, पालक-शिक्षक बैठक और केंद्रीकृत परीक्षाओं पर विशेष जोर दिया गया।

 

शनिवार को बैग-रहित दिवस

 

विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रत्येक शनिवार को बैग-रहित दिवस के रूप में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें खेल, योग, व्यायाम, स्थानीय कला-संस्कृति, महापुरुषों की जयंती, तीज-त्योहार और ऐतिहासिक तिथियों से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।

 

भाषण, निबंध, गीत, कहानी और लोककथाओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

 

504 नए स्कूल स्वीकृत, 700 भवनविहीन विद्यालयों के लिए प्रावधान

 

विगत तीन वर्षों में 504 नए विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन विद्यालयों के लिए नवीन भवनों का प्रावधान किया गया है।

 

वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 नए अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति दी गई। विद्यालयों में शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52 करोड़ 39 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 302 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है।

 

150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए 100 करोड़ रुपये

 

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

सरकार प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इन विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

 

बस्तर में शिक्षा विस्तार, 48 बंद स्कूल फिर खुले

 

बस्तर संभाग के छह जिलों में नियत नेल्ला नार के अंतर्गत 97 प्रतिशत ग्रामों में प्राथमिक शालाओं की स्थापना की गई है। द्विभाषीय पुस्तकों के माध्यम से 13,817 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है।

 

शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा 48 बंद विद्यालयों को फिर से खोला गया है, जबकि 36 नए विद्यालय शुरू किए गए हैं।

 

AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र से ऑनलाइन मॉनिटरिंग

 

शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से विद्यालय अधोसंरचना, भौतिक सुविधाओं, पीएम पोषण सहित विभिन्न योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है।

 

कॉल सेंटर के माध्यम से शिक्षकों, पालकों, संकुल समन्वयकों और अधिकारियों से एक लाख से अधिक कॉल के जरिए फीडबैक लिया गया है। पाठ्यपुस्तक वितरण की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से शासन को लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत होने की जानकारी दी गई है।

 

PVTG बच्चों के लिए आवासीय सुविधा

 

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के लिए विद्यालयों के समीप आवासीय छात्रावास विकसित किए जा रहे हैं।

 

प्रदेश में संचालित 156 आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों में 33,000 से अधिक बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं। वहीं 13 जिलों में 40 PVTG छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 21 का निर्माण शुरू हो चुका है।

 

प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत भी जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालय अधोसंरचना और छात्रावास सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत 13 जिलों में 42 छात्रावासों की स्वीकृति दी गई है।

 

 शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर फोकस

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों को सामने रखते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराना है।

 

शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता, पारदर्शी भर्ती और पदोन्नति, आधुनिक विद्यालय अधोसंरचना, बहुभाषी शिक्षा, डिजिटल तकनीक तथा दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच को प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग के अनुसार इन पहलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

 

 

 

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Source: Ekhabri

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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